प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लिया है। अब यूपी में हर रोज रात्रि कर्फ्यू रहेगा। साथ ही पूरे प्रदेश में हर सप्ताह शनिवार और रविवार दो दिनों तक बंदी रहेगी। वहीं मेरठ में सोमवार को दिन में भी बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे। यह निर्णय डीएम के.बालाजी द्वारा लिया गया है।
बता दें कि मेरठ में कोरोना का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को मेरठ में कोरोना के 891 नए मरीज मिले, जबकि पांच महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गई। इनमें पांच मेरठ के थे और चार आसपास के जिलों के थे।
वहीं मेरठ शहर में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए व्यापारियों की पहल को डीएम के. बालाजी ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने सोमवार को संपूर्ण मेरठ में साप्ताहिक बंदी के आदेश दे दिए हैं। संयुक्त व्यापार संघ (अजय गुप्ता) के आह्वान पर शहर के 70 फीसद बाजार बंद रहे। अक्षय अजय गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों ने सोमवार की बंदी में पूर्ण सहयोग किया है। सदर, आबूलेन, दिल्ली रोड, कोटला, वैली बाजार, सराफा, पल्लवपुरम, कंकरखेड़ा, रोहटा रोड, सेंट्रल मार्केट और लालकुर्ती पैंठ क्षेत्र बंद रहा।
वहीं दूसरे गुट के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि साप्ताहिक बंदी जिन बाजारों में रहती है, वहां भी कुछ दुकानें खुली। खंदक बाजार के महामंत्री ने साप्ताहिक बंदी में सहयोग देने का आश्वासन दिया था लेकिन बाजार खुला। बेगमपुल व्यापार संघ ने बुधवार को साप्ताहिक बंदी की बात कही थी।
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उधर संयुक्त बाजार संगठन मेरठ के संयोजक मुकुल सिंघल ने साप्ताहिक बंदी के बारे में जिलाधिकारी के आदेश को गैरजरूरी बताया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को हराने में प्रत्येक व्यापारी प्रशासन के साथ है। बुधवार और शनिवार को साप्ताहिक बंदी वाले बाजारों के प्रतिनिधियों से वार्ता किए बिना सोमवार को पूरी तरह बंदी औचित्यहीन है।
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