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Meerut News: बेटे के हत्यारे पिता को आजीवन कारावास

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- भाइयों को फंसाने के लिए खुद 17 साल की बेटे फैसल की गर्दन काट कर की थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज सुधाकर दुबे ने बेटे की हत्या में दोषी पिता किठौर के मोहल्ला मौसमखानी निवासी इमरान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इमरान ने रुपयों के लेनदेन के विवाद में अपने भाइयों को फंसाने के लिए 17 साल के बेटे फैसल की गर्दन काटकर हत्या कर दी थी।
अभियोजक के अनुसार किठौर क्षेत्र के रहने वाले इमरान ने थाना किठौर में अपने बेेटे की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 21 सितंबर 2017 को सुबह 10ः30 बजे उसके भाइयों बाबू व चांद एवं खलील व शमा ने उसके 17 वर्षीय पुत्र फैजल की छुरी से गर्दन काटकर हत्या कर दी। उसका भाइयों से लेनदेन का विवाद चल रहा था। विवेचना के दौरान आरोप गलत मिले। पुलिस को इमरान के खिलाफ ही पुत्र फैजल की हत्या करने के साक्ष्य मिले। जिसके चलते पिता इमरान के खिलाफ ही पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में सरकारी वकील ने 13 गवाह पेश किए। न्यायालय ने आरोपी पिता इमरान को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया।
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हत्या के प्रयास में दो हमलावरों को सात साल का कारावास
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या- 9 मेरठ ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने हत्या के प्रयास के मामले में दोषी रामू उर्फ रामकुमार सैनी व बलराम सैनी निवासी देवीनगर सूरजकुंड रोड मेरठ को सात वर्ष के कारावास से दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार अमित अग्रवाल ने थाना सिविल लाइन मेरठ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 31 अक्तूबर 2021 को उसके चाचा राकेश कुमार गुप्ता फोन पर बात कर रहे थे, तभी मौके पर दोनों आरोपी ने उसके चाचा के सिर पर धारदार हथियार से उनके सिर पर हमला कर दिया। जिससे उसके चाचा को गंभीर चोट आई थी। आरोपियों के खिलाफ पुलिस द्वारा जान से मारने की नीयत से हमला करने के आरोप में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर आरोपियों को दोषी पाते 7-7 वर्ष की सजा सुनाई।

किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष का कारावास

मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम राकेश कुमार सिंह ने किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी नईम निवासी मोहल्ला कृष्णपाड़ा को दस वर्ष के कारावास और 12 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

पीड़ित पिता ने थाना कोतवाली मेरठ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री के साथ आरोपी ने 27अगस्त 2015 की रात कमरे में दुष्कर्म किया था। उसे आता देख वह भाग निकला। उसकी बेटी ने बताया कि आरोपी उसके अपने कमरे में खींच कर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। सरकारी वकील ने मुकदमे में सात गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए आरोपी को सजा सुनाई।
हत्या के तीन आरोपी दोषमुक्त
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या- 12 मेरठ राज मंगल सिंह यादव ने हत्या के मामले में आरोपी नरेश पुत्र तेजपाल, शोभा पत्नी फतेह सिंह एवं विनोद पुत्र महावीर सिंह निवासी जीतपुर थाना दौराला को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।
दौराला थाने पर जीतपुर निवासी सोहन वीर सिंह ने सात अगस्त 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके चाचा सत्यप्रकाश शर्मा का बेटा वासू शर्मा अपने घर से अपनी बड़ी बहन को परवीन पुत्र हरबीर के घर बुलाने गया था। जिसके बाद वासू का कुछ पता नहीं लगा। अगले दिन वासू को शव बरामद हुआ था। दौरान जांच आरोपियों का नाम प्रकाश में आया था। न्यायालय में आरोपियों के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपियों को रंजिश के चलते इस मुकदमें में झूठा फसाया जा रहा है, जिसका उन्होंने सबूत न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखकर तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देेते हुए दोषमुक्त किया।
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दहेज हत्या में पति व ससुर दोषमुक्त
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रहलाद सिंह द्वितीय ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति महफूज, ससुर महबूब निवासी ग्राम कमालपुर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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मेडिकल क्षेत्र के रहने वाले जाहिद ने थाना मेडिकल मेरठ में मुकदमा पंजीकृत कराया था। आरेाप लगाया कि उसकी बहन गुलशन का निकाह 23 अप्रैल 2020 को आरोपी महबूब के साथ हुआ था। दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी बहन को जान से मारने की धमकी देते थे। 14 जून 2021 को वादी के पास फोन आया कि आरोपी ने उसकी बहन को मार दिया है। जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। आरोपी के अधिवक्ता ने न्यायालय में उनके निर्दाेष होने के साक्ष्य पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए पिता-पुत्र को दोषमुक्त कर दिया।
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