मेरठ। ब्रह्मपुरी क्षेत्र के शिवशक्तिनगर में नौ साल पहले प्रॉपर्टी डीलर रविशंकर सिंघल की जिंदा जलाकर हत्या के दोषी उमेश उर्फ सोनू और उसकी पत्नी पूनम को कोर्ट ने शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दंपती ने चार साथियों के साथ मिलकर मकान कब्जाने के विवाद में रविशंकर सिंघल, उनके पुत्र हिमांशु और भतीजे यश के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। रविशंकर सिंघल की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
शिवशक्ति नगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर रविशंकर सिंघल ने मोहल्ले के ही उमेश उर्फ सोनू को मकान किराए पर दे रखा था। मकान खरीदने के लिए उमेश ने उसे 30 हजार रुपये एडवांस दिए और 26 जून को निर्माण कार्य शुरू करा दिया। रविशंकर ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। तब लोगों ने समझौता करा दिया कि रुपये पूरे देने पर ही उमेश निर्माण कराएगा, लेकिन उसने दोपहर में फिर से निर्माण करा दिया। रविशंकर अपने पुत्र हिमांशु और भतीजे यश के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उमेश और पूनम ने कैन में भरा पेट्रोल रविशंकर, हिमांशु और यश पर डाल दिया।
आरोपियों के साथियों ने आग लगा दी। आग की चपेट में आरोपी पति-पत्नी भी आ गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया। 6 जुलाई को दिल्ली के अस्पताल में रविशंकर सिंघल की मौत हो गई थी। रविशंकर के भाई अजय सिंघल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पति-पत्नी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
-
किसान की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
मेरठ। मुकदमे की रंजिश में किसान की हत्या के मामले में दोषी सोनू को अपर जिला जज कोर्ट-11 अपर्णा पांडेय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 28 हजार का अर्थदंड भी लगाया। परतापुर क्षेत्र के गांव अच्छरौंडा निवासी प्रिया ने 7 मई 2013 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह 6 मई की रात वह अपने घर की छत पर सो रही थी। पास ही उसके पिता परमवीर, भाई सनी और ताऊ वीर सिंह भी सो रहे थे। तभी रात में करीब 12 बजे गांव का ही सोनू आया और मारपीट के मुकदमे की रंजिश के चलते उसके पिता को गोली मार दी। उपचार के दौरान उसके पिता की मृत्यु हो गई। इस मामले में न्यायालय में कुल 10 गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। संवाद