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देखिए, शातिर बच्चे ने कैसे चुराया मोबाइल, तस्वीरें देखकर रह जाएंगे हैरान

Mon, 20 Feb 2017 02:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहित अग्रवाल
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हिरासत में शातिर बच्चा
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खैरनगर मार्केट में मोबाइल चोरी करने वाले एक बच्चे को व्यापारियों ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल भी बरामद किए हैं। वहीं पुलिस ने तहरीर नहीं मिलने का हवाला देते हुए कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने यह जानने की भी कोशिश नहीं की कि बच्चों से चोरी का काम कराने वाला कौन है।
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खैरनगर में पिछले कुछ दिनों से दुकानदार और ग्राहकों के मोबाइल चोरी हो रहे थे। शनिवार को नवीन बंसल के मेडिकल स्टोर पर आए प्रमोद पुंडीर का मोबाइल भी जेब से गायब हो गया। नवीन ने अपने मेडिकल स्टोर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की तो उसमें मोबाइल चोरी होने का राज खुल गया। फुटेज से पता चला कि मेडिकल स्टोर के काउंटर पर करीब 9 साल के बच्चे ने बड़ी सफाई से प्रमोद का मोबाइल चोरी किया था। स्टोर संचालक ने इस फुटेज को मार्केट के कई दुकानदारों को दे दिया था। रविवार सुबह नवीन बंसल जब अपनी शॉप खोल रहे थे तभी उन्हें वह बच्चा वहां खड़ा मिला, उसके साथ एक अन्य बच्चा भी था। दोनों की उम्र 8 से 9 साल थी। व्यापारियों ने दोनों को पकड़ लिया। दवा विक्रेता आमिर ने भी बताया कि कुछ दिन पहले उनका भी मोबाइल चोरी हुआ था। दुकानदारों ने बच्चों से उनके नाम पते पूछे, लेकिन वह बार बार अलग अलग नाम बता रहे थे।  सूचना पर पहुंची देहली गेट पुलिस दोनों को थाने ले गई।

इस तरह उड़ाया मोबाइल

पीछे खड़ा बच्चा
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि प्रमोद पुंडीर जब मेडिकल स्टोर पहुंचे तो एक बच्चा उनके पास आकर खड़ा हो गया। उसके हाथ में एक फोल्ड हुई बड़ी पॉलिथीन थी। जब प्रमोद व्यस्त थे तो बच्चे ने प्रमोद की जेब के सामने पॉलिथीन लगाकर मोबाइल चोरी कर लिया।

एलआईयू में हैं पीड़ित के ससुर
शुक्रवार को मेडिकल स्टोर से जिस प्रमोद पुंडीर का मोबाइल चोरी हुआ था, उनके ससुर मेरठ एलआईयू में इंस्पेक्टर हैं। प्रमोद पुंडीर ने ये जानकारी देहली गेट इंस्पेक्टर को भी दी थी।

सोहराब गेट पर रख गए चोरी के मोबाइल फोन

पॉलीथिन लगाई
मेरठ जिला केमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने बताया कि पकड़े गए बच्चों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल लिया। उन्होंने अपने एक साथी से फोन पर बात कर अपने पकडे़ जाने की जानकारी दी। बाद में उसने दोनों बच्चों को छोड़ने की शर्त पर प्रमोद और आमिर के मोबाइल सफेद कपडे़ में लपेटकर सोहराब गेट के पास एक निश्चित स्थान पर रख दिए। जहां से उन्हें बरामद कर लिया गया।

व्यापारी बोले बच्चों को सौंपा, पुलिस का इनकार

मोबाइल निकाला
व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने बच्चों को पुलिस को सौंप दिया था। वहीं इंस्पेक्टर देहली गेट मिथलेश पाल ने इस बात से इनकार किया है। उन्होंने बताया जिनके मोबाइल चोरी हुए थे, उन्होंने खुद ही बच्चों को पकड़ा था और मोबाइल बरामद कर खुद ही दोपहर में उन्हें छोड़ दिया। वहीं शाम को पुलिस ने दोनों बच्चों को घंटाघर से पकड़ लिया। पूछताछ की जा रही है कि वे किसके कहने पर काम करते हैं।
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कौन है जुर्म कराने वाला

और चल दिया
इस मामले में पुलिस ने यह जानने की कोशिश भी नहीं की कि आखिर उन बच्चों से ऐसा काम कराता कौन है। पुलिस ने मामले की तह तक जाने की बजाय, पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर ना मिलने का बहाना कर कोई कार्रवाई नहीं की। इंस्पेक्टर देहली गेट मिथलेश उपाध्याय का कहना है कि दोनों बच्चों ने पूछताछ में मोबाइल चोरी की बात स्वीकार की। उन्होंने मोबाइल बरामद भी करा दिए। दोनों बच्चे घुमंतू गरीब परिवारों से हैं, उनका कोई स्थायी पता ठिकाना भी नहीं है। मामला बच्चों का था और पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर भी नहीं दी गई है। इसलिए मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
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