गाजियाबाद की ईसी एक्ट कोर्ट ने युवा अधिवक्ता तरुण शर्मा हत्याकांड में दोषी शिवलोक पुरी कंकरखेड़ा निवासी लविंद्र तोमर को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। स्पेशल जज (ईसी एक्ट) रामकिशोर शुक्ला ने लविंद्र पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश के बाद लविंद्र को कड़ी सुरक्षा में डासना जेल भेजा दिया गया।
21 दिसंबर 2014 की रात मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता डा. ओपी शर्मा के पुत्र तरुण की हत्या कोतवाली क्षेत्र के स्वामीपाड़ा क्षेत्र में गोली मारकर कर दी गई थी। तरुण के घर पार्टी में उसके दोस्त लविंद्र, निखिल, विशाल और अतुल शामिल थे। तरुण और लविंद्र के बीच विवाद हुआ था, जिसे अन्य दोस्तोें ने शांत करा दिया था। बाद में घर से बाहर आकर लविंद्र ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर तरुण की हत्या कर दी थी। लविंद्र भाग गया था। प्रापर्टी डीलर एवं साइबर कैफे संचालक लविंद्र पर तरुण के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई जिला जज मेरठ के न्यायालय में चल रही थी, लेकिन 16 अक्तूबर 2015 को केस उच्चतम न्यायालय के आदेश पर जिला जज गाजियाबाद की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि ईसी एक्ट कोर्ट ने आरोपी को मंगलवार को दोषी करार दिया था। साथ ही बृहस्पतिवार को सजा पर बहस के बाद लविंद्र को सजा सुनाई।