भीम आर्मी अध्यक्ष को हाईकोर्ट से मिली जमानत
बड़गांव में हुए बवाल के विरोध में सहारनपुर में 9 मई को हुई जातीय हिंसा के आरोप में पांच माह से जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की दो मामलों में हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हो गई है। अभी शेष तीन मामलों में जमानत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
सहारनपुर में 9 मई को हुई जातीय हिंसा के आरोप में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण को पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से 8 जून को गिरफ्तार किया था। रावण पर पुलिस ने धारा 152, 154, 156, 162, 163 एवं आईटी एक्ट के तहत देहात कोतवाली में एफआईआर दर्ज की थी। रावण पर लोगों को जातीय हिंसा के लिए भड़काने, आगजनी के लिए उकसाने, लोगों को शांत कर रहे अधिकारियों के कार्य में बाधा डालने, सरकारी अधिकारियों पर हमला करने समेत कई आरोप लगाए गए। मामला देहात कोतवाली में दर्ज किए गए थे।
चंद्रशेखर को धारा 154 में सहारनपुर में ही कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। जबकि अन्य पांच मामलों में जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील की गई थी। पांच में से दो मामलों में जमानत मिलने का दावा किया जा रहा है। चंद्रशेखर उर्फ रावण के अधिवक्ता जय सिंह ने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने चंद्रशेखर की धारा 152 और 156 में जमानत मंजूर कर ली है। जबकि तीन अन्य मामलों आईटी एक्ट, 163 और 162 में भी जमानत कराए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी जमानती दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं।
यह है मामला
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण
एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि चंद्रशेखर को जमानत मिलने की सूचनाएं मिल रहीं हैं। कुछ मामलों में जमानत मिल गई है, लेकिन उनके पास जमानत से संबंधित कोई अधिकारिक दस्तावेज प्राप्त नहीं हो सके हैं।
यह है मामला
सहारनपुर में 5 मई को बड़गांव में दलितों और राजपूतों के बीच संघर्ष हुआ था। जिसमें राजपूत पक्ष के एक युवक की जान चली गई थी। आरोप है कि राजपूतों ने गांव में आगजनी की थी। जिसके विरोध में 9 मई को दलित समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर दलित समाज के लोग भड़क उठे। आरोप है कि भीम आर्मी के नेतृत्व में लोग ग्राम रामनगर में एकत्रित हुए और वहां से सहारनपुर की ओर हिंसक रूप में बढ़ते चले गए। आक्रोशित लोगों ने एक दर्जन बाइकें, कार फूंक डाले, फायरिंग, पथराव किया। अधिकारियों को दौड़ाया, पथराव किया। मारपीट भी की गई। साथ ही जिले के अन्य स्थानों पर भी जाम लगाकर आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया गया। इस मामले में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन, जिलाध्यक्ष कमल वालिया एवं प्रवक्ता मंजीत सिंह समेत सैकड़ों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। सभी पदाधिकारियों पर ईनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस ने 12 हजार के ईनामी विनय रतन को छोड़कर सभी पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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