किराए पर देने के बाद ज्यादातर मकान मालिकों को डर रहता है कि कहीं उनकी संपत्ति पर कब्जा न हो जाए। दूसरी तरफ किराएदार भी मनमाने किराए को लेकर संशकित रहते हैं। अब नए किरायेदारी विनियमन अध्यादेश-2021 से परिस्थितियों में बदलाव आएगा। नए नियम लागू होने का लाभ किराएदार और मकान मालिक दोनों को मिलेगा।
सबसे अहम बात यह है कि किराया प्राधिकरण का गठन होगा। किराए में वार्षिक वृद्धि पांच फीसदी रिहायशी मकानों में और सात फीसदी वाणिज्यिक स्थानों में होगी। साथ ही मकान मालिक को किराएदार को किराए की रसीद हर हाल देनी होगी।
किराएदार को अनुबंध अवधि में बेदखल नहीं किया जा सकेगा लेकिन अगर किराएदार ने दो माह तक दिया तो मकान मालिक उससे घर खाली करा सकेंगे। साथ ही मकान मालिक को बिजली, पानी आदि सुविधाएं देनी होंगी। रिहायशी मकानों में मकान मालिक दो महीने से अधिक का किराया पेशगी नहीं ले सकेंगे। वाणिज्यिक स्थानों के मामले में छह महीने तक का किराया पेशगी के रुप में लिया जा सकता है।
किराएदार-मकान मालिक बोले-नया नियम सभी के लिए फायदेमंद
बाईपास स्थित यूरोपियन एस्टेट में मकान किराए पर दिया था। मेंटीनेंस भी किराएदार की जिम्मेदारी थी। तीन माह बाद छह माह तक किराएदार ने किराया नहीं दिया। मेंटीनेंस पर भी ध्यान नहीं दिया। काफी प्रयास कर एक साल बाद मकान खाली करा पाया।- मोहित चौहान
साल भर में बढ़ाया 50 प्रतिशत किराया
सरधना रोड मकान मालिक ने एक साल में ही दुकान का किराया 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया। मकान में छह माह रहने के बाद ही दुकान की व्हाइट वॉश और पेंटिंग कराने के लिए भी बाध्य किया गया। बढ़ा हुआ किराया दो माह तक देने के बाद दुकान को खाली करना पड़ा। - देवेंद्र कुमार
दो माह का एडवांस, किराया इनकार
बाईपास स्थित फुली फर्निश्ड संपत्ति किराए पर दी थी। नोटरी के माध्यम से 500 रुपये के स्टॉप पर अनुबंध किया था। दो माह का किराया एडवांस लिया। किराएदार ने पहले माह से ही किराया देने से इनकार कर दिया। तीन माह बाद प्रयासों के बाद संपत्ति खाली की। - अजेंद्र दत्त
वकीलों की राय
किराया प्राधिकरण से जल्द हल होंगे मामले
न्यायालय में 20 हजार से अधिक मामले किराएदार और मकान मालिक के बीच विवाद के चल रहे हैं। किराया प्राधिकरण के गठन के बाद विवाद शीघ्रता से हल होंगे। साथ ही न्यायालय के विधायी कार्यों में तेजी आएगी।
- आनंद कश्यप, पूर्व महामंत्री जिला बॉर एसोसिएशन एवं सदस्य मेरठ बॉर एसोसिएशन
मकान मालिकों को होगा लाभ
न्यायालय में सर्वाधिक ऐसे मामले विचाराधीन हैं, जिसमें किराएदारों ने मकान पर कब्जा कर लिया है। आज भी 20 से 30 साल पुराने किराए का भुगतान किया जा रहा है। न किराया बढ़ा और न ही मकान खाली किया।
- आशीष चौरसिया, उपाध्यक्ष, मेरठ बॉर एसोसिएशन