महकमा तो भूल ही गया था
हैरानी की बात यह है कि पुलिस महकमा अपनी ही करोड़ों रुपये की जमीन को भूल गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधिकारियों को अपनी ही छह हजार गज जमीन मुक्त कराने के लिए पत्राचार भी खूब करना पड़ा। हालांकि जिन लोगों ने इस जमीन पर कब्जा किया हुआ था उन्होंने पुलिस का नाम और पैमाइश होते ही जमीन छोड़ने में भलाई समझी।
दिल्ली की तर्ज पर सेंट्रल वाहन गोदाम बनेगा
अब मेरठ में दिल्ली की तर्ज पर सेंट्रल वाहन गोदाम बनेगा, जिसका काम मेरठ पुलिस ने इस जमीन पर शुरू करा दिया है। इस सेंट्रल वाहन गोदाम में थानों में खड़े लावारिस वाहन और मुकदमे से संबंधित वाहन रखे जाएंगे, जिससे थानों को लंबे समय से कबाड़ हुए वाहन से मुक्ति मिलेगी। थानों में साफ सफाई के साथ-साथ सुंदरीकरण का काम भी होगा।
चौकी भी बनेगी यहां
पुलिस इस जमीन पर परतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस चौकी भी बनाएगी, जिससे सेंट्रल वाहन गोदाम में रखे जाने वाले लावारिस वाहनों की निगरानी भी होगी और हाईवे पर पुलिस की गश्त भी होती रहेगी।
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