बेगमपुल बवाल में एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए सिख समाज पुलिस की घेराबंदी में जुट गया है। समाज का प्रतिनिधिमंडल जहां लखनऊ जाकर कैबिनेट मंत्री बीएस रामूवालिया से मिलेगा तो दिल्ली और पंजाब की गुरुद्वारा प्रबंध कमेटियों से संपर्क किया गया है।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार रणजीत सिंह ने कहा कि सिख युवक कुलदीप सिंह पर आनन-फानन में कार्रवाई कराने वाले अफसरों को आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस ने कुलदीप के साथ ज्यादती की है।
पहले धार्मिक भावनाएं आहत कीं, जेल भेजने से पहले कुलदीप को थाने में यातना दी, सिगरेट से दागा गया। फिर देश की जीत का जश्न मनाने का अधिकार तो सभी को है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में सिर्फ पब्लिक के लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की। कुलदीप का पटका खींचने वाले और उस पर ज्यादती करने वाले पुलिसकर्मियाें पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जेल में की मुलाकात
बीर खालसा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह कोछड़, मनजीत सिंह चड्ढा, गुरमीत साहनी, महेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह आदि ने शुक्रवार को जिला जेल पहुंचकर कुलदीप से मुलाकात की। प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस ने जो कुलदीप पर ज्यादती की हैं, उसके बाद कुलदीप की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट तलब कराने के लिए कोर्ट से प्रार्थना की जाएगी।
कुलदीप के छूटने पर उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कुलदीप के खिलाफ धाराएं हटाने की रिपोर्ट कोर्ट में भेजने की बात कही, लेकिन शुक्रवार दोपहर को अधिवक्ता केके पाहवा ने बताया कि पुलिस ने अभी तक धारा हटाने की रिपोर्ट नहीं भेजी है। मनजीत कोछड़ ने कहा कि मरना मंजूर है, लेकिन धर्म का अपमान नहीं सहेंगे। उधर, इंस्पेक्टर सदर गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट कोर्ट में भेज दी गई है।
सरकारी काम में बाधा डालने वाली धारा रहेगी
सिख युवक कुलदीप सिंह के खिलाफ लगी सरकारी कार्य में बाधा डालने वाली धारा हटाने से एसपी क्राइम ने शुक्रवार को असमर्थता जता दी। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के प्रधान रणजीत सिंह, जसवीर सिंह खालसा, निक्की बिरदी आदि समाज के कई लोग एसपी क्राइम अजय सहदेव से मिलने पहुंचे थे। रणजीत सिंह ने कहा कि पुलिस ने कुलदीप से दो संगीन धाराएं हटाकर न्याय किया है, लेकिन उस पर लगा सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप भी ठीक नहीं है।
उन्होंने एसपी से उक्त धारा को भी हटाने का अनुरोध किया। एसपी क्राइम ने इस पर असमर्थता जताते हुए कहा कि कुलदीप ने दारोगा से हाथापाई की है। यह धारा हटानी संभव नहीं है। समाज के लोगों ने तर्क दिया कि दरोगा के हाथ से कुलदीप का पटका गिरा था। उसके केश खुल गए थे, इसलिए वह दरोगा से विरोध जता रहा था, लेकिन एसपी क्राइम उनकी बातों से सहमत नहीं हुए।
सपाइयों का एसएसपी आफिस पर प्रदर्शन
इस बवाल में सपा नेता भी पुलिस कार्रवाई के विरोध में आ गए हैं। सपा जिला सचिव सरदार त्रिलोचन सिंह के नेतृत्व में सिख समाज के लोगों और सपा कार्यकर्ताओं ने एसएसपी ऑफिस पर प्रदर्शन कर उन्होंने कुलदीप का पटका खींचने वाले दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कहा कि पुलिस ने कुलदीप को तो जेल भेज दिया, लेकिन दरोगा और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की।