इस स्थान पर ही बिजली के पोल हटाए बिना ही क्रांति पथ बना दिया गया। वहीं, कई स्थानों से बीच में ही पथ का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। सीएंडडीएस प्रोजेक्ट मैनेजर का कहना है कि कैंट बोर्ड की अनुमति न मिलने से क्रांति पथ बीच-बीच में अूधरा है।
सीएम ने शिलान्यास किया, फिर भी बजट नहीं
एक तरफ सरकार सभी प्रॉजेक्टों की गति बढ़ाने के लिए प्रभारी मंत्री, प्रभारी अधिकारियों को समीक्षा बैठक के लिए जिले में भेजती है। लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास किए गए प्रोजेक्ट के लिए बजट भी शासन से नहीं आ रहा है। अभी तक तीन करोड़ रुपये से अधिक राशि के प्रोजेक्ट के लिए सिर्फ सवा करोड़ बजट ही मिला है। इस प्रोजेक्ट की निगरानी पर्यटन विभाग को करनी चाहिए लेकिन वह भी इस अंजान बनी हुई है।
पथ पर होने लगा अतिक्रमण
सेना भर्ती कार्यालय के पास पथ पर ठेले खोमचे वालों ने क्रांति पथ पर अतिक्रमण अभी से शुरू कर दिया है। ऐसे में बनने से पहले ही क्रांति पथ लुप्त होने के कगार पर आ गया है। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि शहीद स्मारक के पास ही अतिक्रमण कर इसे खत्म कर दिया गया। यहां कई स्थानों पर स्कूली बस, प्राइवेट बस आदि खड़ी होने लगी हैं।
समस्या का निस्तारण कराएंगे
मेरे पदभार लेने से पहले इसका ले-आउट बन गया था। अगर कोई समस्या है तो दिखवाएंगे। बिजली के पोल अगर अधिक हैं तो उनसे निस्तारण के लिए बात की जाएगी। - रजनीश जायसवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर, सीएंडडीएस