मेरठ की नवीन मंडी में आज से ई-मंडी योजना लागू होने जा रही है। मंडी में आने वाले किसानों के माल का निरीक्षण और पूर्ण ब्यौरा तैयार कर मंडी गेट पर ही ई-गेटपास दिया जाएगा। खाद्यान्न कौन लाया और किसने खरीदा, इसकी पूरी जानकारी सरकार के पास होगी। वहीं, फसल के क्रय-विक्रय की जानकारी भी एक क्लिक पर मिलेगी।
मंडी परिषद् ने क्रय-विक्रय की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए ई-मंडी पोर्टल बनाया है। सोमवार से व्यापारियों को किसान के नाम के साथ खरीदे हुए खाद्यान्न की जानकारी प्रपत्र-6 में देनी होगी। साथ ही फसल बेचने के संबंध में संपूर्ण जानकारी प्रपत्र-9 में ऑनलाइन दी जाएगी। इसकी पूरी जानकारी ई-मंडी पोर्टल पर दी गई है।
कार्यवाहक सचिव एवं मंडी निरीक्षक कुलदीप कुमार ने बताया कि मंडी गेट पर ई-गेटपास देने की व्यवस्था कर ली गई हैं। मंडी समिति कार्यालय में बनाई जा रही हेल्प डेस्क में व्यापारी ई-मंडी से जुड़े काम नि:शुल्क कर सकते हैं।
इस तरह होगा ई- मंडी से व्यापार
-मंडी गेट पर ही किसानों को ऑनलाइन प्रवेश पर्ची मिलेगी
-किसान अपनी फसल जिस व्यापारी को बेचेगा वह प्रपत्र-6 जारी करेगा
-प्रपत्र-6 से व्यापारी के स्टॉक में खरीदा हुआ माल जुड़ जाएगा
-दूसरे व्यापारी को माल बेचने पर प्रपत्र-9 जारी करेगा और उसका स्टॉक कम हो जाएगा
-दूसरा व्यापारी अगर किसी अन्य प्रदेश का है तो पहला व्यापारी प्रपत्र-5 देकर गेटपास लेगा।
-दूसरी मंडी में माल पहुंचने पर ऑनलाइन पर्ची से उसके रिकॉर्ड में स्टॉक जुड़ जाएगा