नगर पंचायत के अथक प्रयास से शासन से सीवर लाइन को मिली मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। नगर पंचायत के चुनाव में हर बार चुनावी एजेंडे में कस्बे की जलभराव की समस्या शामिल होती थी, लेकिन रेलवे की अनुमति व योजना के लिए बजट न मिलने के कारण योजना अधर में ही लटक जाती थी। नगर पंचायत के अथक प्रयास से शासन से सीवर लाइन को मंजूरी मिल गई है। इसे लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष त्यागी ने सरकार और विभाग का आभार जताया है।
खरखौदा को वर्ष 1958 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था। हालांकि उस समय नगर पंचायत न होकर टाउन एरिया कमेटी घोषित किया गया था। खरखौदा में जल निकासी का कोई उचित समाधान नहीं था। प्रत्येक बरसात में कस्बे के मैन बाजार सहित 70 प्रतिशत क्षेत्र में जलभराव हो जाता था। नगर पंचायत अध्यक्ष पद के चुनावी एजेंडे में इस समस्या को प्रमुखता से शामिल किया जाता था। हालांकि कई नगर पंचायत अध्यक्षों ने जलभराव की समस्या के लिए कई बार प्रयास किए थे। नगर पंचायत द्वारा जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए दो योजना तैयार की गई थी जिसमें पहली योजना खरखौदा-मोहिउद्दीनपुर सड़क मार्ग के किनारे तलहटा के गंदे नाले तक 8 किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण तथा दूसरी योजना रेलवे लाइन को क्रॉस कराकर उलधन रोड पर करीब 80 बीघा के तालाब तक सीवर लाइन बिछाना था।
पहली योजना में लागत अधिक होने के कारण उसमें सफलता नहीं मिल सकी लेकिन नगर पंचायत के प्रयास से दूसरी योजना में सफलता मिल गई है। इस मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष त्यागी ने बताया कि छह माह पहले ही रेलवे से अनुमति मिल गई थी। अब नगर विकास मंत्री एके राय से सीवर लाइन को मंजूरी मिल गई है। इस योजना का डीपीआर जल निगम ने तैयार किया था जिसमें 450 एमएम की सीवर लाइन बिछाई जाएगी।
नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष त्यागी का कहना है कि यह नगर पंचायत के लिए बड़ी उपलब्धि है। काफी वर्षों से लोग इस समस्या से जूझ रहे थे। समस्या को लेकर गत दिनों उन्होंने लखनऊ पहुंचकर नगर विकास मंत्री से जलभराव की समस्या के निदान की मांग की थी। मनीष त्यागी का कहना है कि उनकी मांग पर इस योजना के लिए बजट भी जारी हो गया है। जल्द ही निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।