बता दें कि शुक्रवार को तारीख होने पर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ. संजीव बालियान, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह आदि आरोपी कोर्ट में पेश हुए, जबकि विधायक संगीत सोम, मंत्री सुरेश राणा, साध्वी प्राची आदि आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके अधिवक्ताओं की ओर से अदालत में हाजिरी माफी के प्रार्थना पत्र दिए गए। सभी आरोपियों के अदालत में पेश नहीं होने के कारण आरोप तय नहीं हो सके। इस पर न्यायालय ने आरोप तय करने के लिए 29 मई की तारीख नियत की है।
राजनेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं होंगे
कोर्ट में पेशी के बाद सांसद डॉ. संजीव बालियान ने पत्रकार वार्ता में कहा कि दंगे के दौरान राजनेताओं पर दर्ज हुए मुकदमे वापस नहीं होगे। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे। दंगे के दौरान काफी संख्या में फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए थे, जिसमें सैकड़ों निर्दोष फंसे है। ऐसे 131 मुकदमे वापस लेने के लिए सरकार से आग्रह किया गया है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
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