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किसानों ने कलक्ट्रेट में मनाया करवाचौथ, पत्नियों ने कंधे से कंधा मिलाकर किया ये ऐलान

Sat, 27 Oct 2018 09:29 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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किसानों ने कलक्ट्रेट में मनाया करवाचौथ - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बिजनौर में भाकियू के बैनर तले किसानों का धरना तीसरे दिन भी कलक्ट्रेट में जारी रहा। करवाचौथ पर भी वह अपने घर नहीं गए। किसानों की पत्नी पूजन के बाद रात में कलक्ट्रेट पहुंचीं और चांद दिखने के बाद पति के पैर छूकर उनके हाथ से पानी पीकर व्रत पूरा किया। वहीं किसानों ने 30 अक्तूबर को सड़कों पर गन्ना डालकर चक्का जाम का एलान किया है। 

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सोमवार को दो और किसान ट्रैक्टर-ट्राली लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों का स्वागत किया गया। इसके बाद किसानों की पंचायत हुई। वक्ताओं ने कहा कि किसान की हालत खराब है। इसके बाद भी सरकारें किसानों की ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। लागत का डेढ़ गुना मूल्य तो दूर किसान को सरकार द्वारा घोषित मूल्य भी नहीं मिल रहा है। किसान कलक्ट्रेट में ही धरना देने को मजबूर है। जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि 30 अक्तूबर को अगर मिल नहीं चली तो सड़क पर जाम लगा देंगे। सड़कों पर गन्ना पलटकर पूरे जिले को जाम कर दिया जाएगा। किसान अब आर पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं। शासन प्रशासन किसी के भी आगे किसान नहीं झुकेंगे। किसान करवाचौथ पर भी कलक्ट्रेट पर डटे रहे। किसानों की पत्नी घर पर पूजन कर अपने परिजनों का आशीर्वाद लेकर कलक्ट्रेट पहुंचीं। प्रदेश महासचिव राम अवतार सिंह की पत्नी आशा देवी, जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की पत्नी निगम चौधरी, मंडल महासचिव अतुल कुमार की पत्नी बेबी, देवदत्त शर्मा की पत्नी बबली रानी, सोहित की पत्नी हिमांशी शाम को कलक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने कलक्ट्रेट में चांद को अर्घ्य दिया व पति के पैर छूए। किसान नेताओं ने अपनी पत्नी को पानी पिलाकर उनका व्रत पूरा कराया। उसके बाद महिलाओं ने धरने में मौजूद बुजूर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कलक्ट्रेट में ही सभी को खाना खिलाया। इसके बाद महिलाओं ने खाना खाया।

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करवा चौथ - फोटो : अमर उजाला
जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की पत्नी निगम चौधरी ने बताया कि करवाचौथ का व्रत केवल पति की लंबी आयु के लिए ही नहीं रखा जाता है। यह व्रत पति को धर्म के रास्ते पर चलाने के लिए भी है। उनके पति व बाकी किसान नेता किसानों के हकों की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसान परिवार की महिलाएं भी खेतों में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करती हैं। अब उनके पति आंदोलन कर रहे हैं तो वे आंदोलन में भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ रहेंगी। जरूरत पड़ी तो किसान परिवारों की महिलाएं भी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगी। व्रत पूरा करने के बाद महिलाएं घर को चली गईं। करवा चौथ पर किसानों के खाने के लिए खास व्यवस्था की गई थी। गांव गढ़ी में पूरी, सब्जी, खीर आदि बनवाई गई। ट्रैक्टर ट्राली से किसानों के लिए खाना कलक्ट्रेट में भिजवाया गया। करवा चौथ के पर्व को देखकर मुस्लिम समुदाय के किसान आगे आए। जब किसान करवा चौथ मना रहे तो मुस्लिम वर्ग के किसान धरने पर बैठे। उन्होंने कहा कि किसान की कोई धर्म, बिरादरी नहीं होती है। 

चेयरमैन के पति ने आंदोलन का किया समर्थन
चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी ने भी किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया। शमशाद अंसारी शुक्रवार रात किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने किसानों के नाश्ते की व्यवस्था की। कहा कि वे हर आंदोलन में किसानों के साथ हैं। किसानों को भोजन कराने के लिए गांवों के किसानों में होड़ मची हुई है। शनिवार सुबह को गांव भरैरा के किसानों ने कलक्ट्रेट में किसानों के लिए दूध भिजवाया। किसानों ने छक कर दूध पिया। दोपहर का खाना आवास विकास कॉलोनी में रहने वाले किसान परिवारों के यहां से आया।

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