फरवरी 1999 में मेजर मनोज तलवार की रेजीमेंट फिरोजपुर पंजाब में तैनाती हुई। लेकिन कुछ कर गुजरने की चाह रखने वाले मेजर मनोज तलवार ने सियाचिन में नियुक्ति मांग ली। सियाचिन जाने से पहले मेजर मनोज तलवार मार्च में घर आए थे। छुट्टी खत्म होने से कुछ दिन पहले माता-पिता, भाई व बहन ने उनसे विवाह करने की बात कही। इस पर उन्होंने कहा कि मां मेरा समर्पण तो देश के साथ जुड़ चुका है। अभी तो उसकी हिफाजत के लिए वचनबद्ध हूं। पता नहीं क्या हो। मैं किसी लड़की का जीवन बर्बाद नहीं करूंगा।
इसके बाद वे कारगिल चले गए। युद्ध में उन्हें 19 हजार फीट ऊंची चोटी पर कब्जा करने का टास्क मिला। उन्होंने अपने जवानों के साथ दुश्मन को खदेड़कर चोटी पर तिरंगा फहराया।
वीर चक्र विजेता यशवीर ने मारे थे 50 दुश्मन
मूलरूप से बागपत के ग्राम सिरसली निवासी यशवीर सिंह का परिवार रोहटा रोड फाजलपुर क्षेत्र में रहता है। वीर नारी मुनेश देवी ने बताया कि उनके पति यशवीर सिंह को तोलोलिंग चोटी पर कब्जा करने की जिम्मेदारी दी गई। कई बॉलीवुड मूवी में भी यशवीर सिंह की वीरता को दिखाया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस पर्वत चोटी पर कब्जा किए बिना दुश्मन को पीछे नहीं भगाया जा सकता था। तोलोलिंग पर अगर पाकिस्तान की मजबूत पकड़ हो जाती तो कारगिल युद्ध का पूरा स्वरूप बदल जाता। उन्होंने बताया कि 12 जून को सेकेंड राजपूताना राइफल ने इस प्वाइंट पर हमला किया। मेजर विवेक गुप्ता पलटन का नेतृत्व कर रहे थे। दुश्मनों की गोलाबारी के बीच हवलदार यशवीर सिंह सीने पर दो गोली खाने के बाद भी ग्रेनेड लेकर पाकिस्तान सैनिकों के बंकर में घुस गए। 40 से 50 दुश्मनों को मारकर वह शहीद हो गए। 13 जून को तोलोलिंग पर तिरंगा फहराया गया। यशवीर सिंह के इस साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
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दोनों बेटे संभाल रहे पेट्रोल पंप का काम
शहीद हवलदार मेजर यशवीर सिंह को मरणोपरांत वीर चक्र मिला था। तत्कालीन सरकार की तरफ से पेट्रोल पंप के लिए जमीन मिली थी। शुरुआती दौर में शहीद की पत्नी मुनेश देवी ने ही सारी जिम्मेदारी देखी थी। अब काफी समय से दोनों बेटे पेट्रोल पंप की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। भारत सरकार की तरफ से शहीद परिवार को 16 बीघे जमीन भी गांव में दी गई थी। बड़े बेटे उदय सिंह और छोटे बेटे पंकज तोमर ने कहा कि वह भी अपने पिता की तरह देश सेवा करना चाहते थे। लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। उन्हें अपने पिता पर गर्व है।
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कारगिल में यह हुए थे शहीद
13 जून 1999 : मेजर मनोज तलवार और सीएचएम यशवीर सिंह।
28 जून 1999 : लांस नायक सत्यपाल सिंह।
3 जुलाई 1999 : नायक जुबैर अहमद।
5 जुलाई 1999 : ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव।