अब हालात यह हैं कि अधिकतर फव्वारे खराब हैं। इस बारे में स्थानीय लोगों ने कई बार निगम के अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद टीम ने जांच भी की, मगर इसके बावजूद न तो चोरी और नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की गई और न ही फव्वारों को ठीक कराकर संचालित किया गया। फव्वारे लगाने के नाम पर भ्रष्टाचार की शिकायतें भी आती रही हैं।
यह भी पढ़ें: Exclusive: सरकारी ‘तिजोरी’ पर 44 लाख का डाका, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर घोटाला
चोरों ने पहुंचाया फव्वारों को नुकसान, निगरानी कराएंगे
फव्वारों पर लगी टोंटी पीतल की होती है। इसे अक्सर चोर चुरा लेते हैं। अन्य सामान भी गायब होता रहा है। जांच में अधिकतर नुकसान चोरों ने ही पहुंचाया है। अब फव्वारों की निगरानी के लिए टीम लगाई जाएगी। संबंधित थाना पुलिस को शिकायत भी करेंगे।
- ब्रजपाल सिंह, सहायक नगर आयुक्त