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कपसाड़ कांड: सपा सांसद रामजीलाल सुमन को काशी टोल से लौटाया, एक्सप्रेसवे पर अतुल प्रधान का धरना, RAF तैनात

Sat, 10 Jan 2026 12:34 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के कपसाड़ हत्याकांड में सपा सांसद रामजीलाल सुमन को काशी टोल प्लाजा पर रोके जाने से सपा कार्यकर्ता भड़क उठे। पुलिस से नोकझोंक के बाद सपा विधायक अतुल प्रधान ने एक्सप्रेसवे पर कार्यकर्ताओं संग धरना शुरू कर दिया।

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कपसाड़ कांड पर तनाव बरकरार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ से सटे सरधना थानाक्षेत्र के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में शनिवार सुबह मेरठ आ रहे सपा सांसद रामजीलाल सुमन और सपा कार्यकर्ताओं को एसपी ट्रैफिक ने काशी टोल प्लाजा पर रोक लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से सपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई।

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टोल प्लाजा पर हंगामा, पुलिस से तीखी नोकझोंक
सांसद को रोके जाने से नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने काशी टोल प्लाजा पर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।

धरने पर बैठे सांसद और विधायक
सपा सांसद को रोके जाने की सूचना मिलते ही सरधना विधायक अतुल प्रधान समर्थकों के साथ काशी टोल पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि यह दबाव की कार्रवाई है। सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा-जब-जब योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है।
 
काफी देर तक चली नोकझोंक और हाथापाई के बाद सांसद रामजीलाल सुमन, विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक योगेश वर्मा और सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी समर्थकों के साथ एक्सप्रेसवे पर धरने पर बैठ गए।

यह भी पढ़ें: कपसाड़ में कड़ा पहरा: गांव सील-अटेरना पुल पर बैरिकेडिंग, मीडिया और नेताओं की एंट्री बंद, टोल पर रोके सपा नेता

एक्सप्रेस वे पर धरने पर बैठे सपा विधायक अतुल प्रधान - फोटो : अमर उजाला
भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने भी किया हंगामा
इधर दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से दर्जनों गाड़ियों में भीम आर्मी के कार्यकर्ता कपसाड़ जाने के लिए काशी टोल प्लाजा पहुंचे। पुलिस ने उन्हें भी रोक लिया, जिससे भीम आर्मी कार्यकर्ता भड़क उठे।

बैरिकेड हटाकर आगे निकले कार्यकर्ता
गुस्साए भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की और कुछ कार्यकर्ता जबरन टोल प्लाजा पार कर आगे निकल गए। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। 

मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे डीआईजी - फोटो : अमर उजाला
राजनीतिक तनाव और बढ़ा
कपसाड़ हत्याकांड को लेकर पहले से ही माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। लगातार नेताओं और संगठनों के पहुंचने की कोशिशों के चलते प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर अलर्ट मोड पर है।

डीआईजी ने क्षेत्र में पहुंचकर किया निरीक्षण
डीआईजी कला निधि नैथानी ने चेक प्वाइंट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

लगा लंबा जाम - फोटो : अमर उजाला
सरधना के सलावा चौराहे पर पुलिस की नाकेबंदी के चलते चौधरी चरण सिंह कावड़ मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

काशी टोल पर आरएएफ की हुई तैनाती
वहीं काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने सांसद रामजीलाल सुमन को समझा बुझाकर वापस लौटा दिया। वहीं टोल पर रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है।

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कपसाड़ में तनाव - फोटो : अमर उजाला
आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर सड़क पर बैठे कार्यकर्ता, पुलिस से हुई नोकझोंक
सलावा चौराहे पर सामाजिक संगठन कश्यप एकता क्रांति मिशन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए पहुंचे। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। इसके बाद संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता सड़क पर धरना देकर बैठ गए।

धरने में संगठन के संस्थापक अजय कश्यप, प्रदेश उपाध्यक्ष अनुज कश्यप, जिला उपाध्यक्ष रितिक कश्यप सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान आजम खान के निर्देश पर पुलिस ने 24 घंटे में एक भैंस को ढूंढ लिया था, जबकि वर्तमान में पुलिस एक मामले के आरोपित को पकड़ने में विफल है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।

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