फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कपसाड़ में कड़ा पहरा: पुलिस को चकमा देक टोल पर पहुंचे चंद्रशेखर, पुलिस से नोकझोंक, धरने पर बैठे

Sat, 10 Jan 2026 05:06 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की हत्या और बेटी रुबी के अपहरण के बाद सियासत तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं को टोल पर रोका गया, गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। वहीं नगीना सांसद भी पुलिस को चकमा देकर टोल पर पहुंच गए। 

विज्ञापन
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रुबी के अपहरण के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। एक ओर अपहृत बेटी की सलामती को लेकर पीड़ित परिवार बदहवास नजर आया, तो दूसरी ओर गांव में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। वहीं गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। गांव को पूरी तरह सील किया गया है। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे नेताओं को बाहर ही रोका जा रहा है।

विज्ञापन


विपक्षी नेताओं को टोल पर रोका गया
पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद भी पुलिस को चकमा देकर कार्यकर्ताओं संग बाइक पर सिवाया टोल प्लाजा पहुंच गए। यहां उन्हें कार्यकर्ताओं ने घेरे रखा। वहीं पुलिस प्रशासन को सूचना मिलते ही उन्हें टोल प्लाजा पर रोक लिया गया।

इस दौरान उनकी व कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से बातचीत कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद भारी सुरक्षा के बीच चंद्रशेखर को टोल प्लाजा के कंट्रोल रूम में ले जाया गया।
विज्ञापन





इससे पहले दाेपहर के समय सपा सांसद रामजीलाल सुमन को भी टोल से वापस भेज दिया गया। इन घटनाओं से नाराज होकर सरधना विधायक अतुल प्रधान समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।

यह भी पढ़ें: Meerut police media clash: कपसाड़ में मीडिया कवरेज पर रोक, पत्रकार से पुलिस की धक्का-मुक्की

टोल पर तैनात आरएएफ - फोटो : अमर उजाला
गांव को छावनी में तब्दील किया गया
विपक्षी नेताओं के संभावित जमावड़े को देखते हुए प्रशासन ने सुबह से ही गांव के चारों ओर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी। गांव की सीमा से ढाई किलोमीटर पहले बैरिकेडिंग कर दी गई।
मौके पर एसएसपी, एसपी देहात, एसपी ट्रैफिक, चार सीओ, 20 इंस्पेक्टर, 150 दरोगा समेत 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। इसके अलावा आरआरएफ की टीम भी अलर्ट मोड में नजर आई।

गलियों में पसरा सन्नाटा
तनावपूर्ण माहौल के चलते गांव की ज्यादातर गलियां शाम तक सुनसान रहीं। कुछ स्थानों पर बुजुर्ग आपस में बातचीत करते दिखे, लेकिन आम जनजीवन ठहरा रहा। ग्रामीणों ने बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया और लोग छतों से ही हालात पर नजर रखते रहे। सीमाएं सील होने से नौकरीपेशा लोग भी गांव से बाहर नहीं जा सके।

सिवाया टोल प्लाजा पर तैनात फोर्स - फोटो : अमर उजाला
तनाव बरकरार, परिजनों की चेतावनी
गांव में अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों और अपहृत युवती की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर बेटी सुरक्षित वापस नहीं आई, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।

AIMIM के मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष इमरान काशमी - फोटो : अमर उजाला
AIMIM के नेता धरने पर बैठे
दोपहर के समय पीड़ित परिवार से मिलने AIMIM के मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष इमरान काशमी जब कार्यकर्ताओं के साथ कपसाड़ जाने के लिए निकले, तो पुलिस ने उन्हें सलावा चौराहे पर रोक लिया। इससे नाराज AIMIM कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

एकता क्रांति मिशन के पदाधिकारियों ने दिया धरना
सलावा चौराहे पर कश्यप एकता क्रांति मिशन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी प्रदर्शन के लिए पहुंचे। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने पर संगठन के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी भी हुई।

विज्ञापन

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान - फोटो : अमर उजाला
सीमा प्रधान की पुलिस से नोकझाेंक, धरने पर बैठी
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान पीड़ित परिवार से मिलने कपसाड़ गांव जा रही थीं। जब सीमा प्रधान अपने समर्थकों के साथ सिवाया टोल प्लाज़ा पहुंचीं, तो पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

सीमा प्रधान ने पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शांतिपूर्वक पीड़ित परिवार से मिलने जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने जबरन रोका। इसके बाद वह अपने समर्थकों के साथ टोल प्लाजा पर ही धरने पर बैठ गईं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें