चाचा-भतीजे के फाइल फोटो व विलाप करते परिजन
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टीपीनगर के मलियाना से रामबीर ने नया पिकअप खरीदने के बाद हरिद्वार से गंगाजल लाने की योजना बनाई थी। लेकिन वहां उन्होंने अपने बेटे को खो दिया और राहुल का सोमवार देर रात तक पता नहीं चल पाया। मासूम अंश का शव सोमवार शाम जब उसके घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया और वहां लोगों की भीड़ उमड़ गई। जिसने भी अंश का शव देखा उसकी आंख नम हो गईं।
बताया गया है कि राहुल एक निजी पब्लिकेशन में काम करते थे। राहुल के पिता की मौत की चुकी है, परिवार में उनकी मां ऊषा, पत्नी पिंकी, पांच साल का बेटा अर्नव और आठ साल की बेटी वंशिका हैं। छोटा भाई मोनू है।
पूरे परिवार की जिम्मेदारी राहुल पर ही थी, उनकी मौत से परिवार बेसहारा हो गया। राहुल की पत्नी और मां रो-रोकर बस यही कह रही थी कि अब परिवार का क्या होगा। गंगा में राहुल की तलाश में गोताखोर जुटे हैं।