- गंगनहर पटरी मार्ग पर दिनभर उमड़ी कांवड़ियों की भीड़, सेवा शिविरों में हुआ स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। सावन मास के चलते चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर बृहस्पतिवार को शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के जत्थों से गंगनहर पटरी मार्ग दिनभर गुलजार रहा। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और जय महाकाल के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। रिमझिम बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं दिखी।
राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कांवड़िये गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। कई जत्थों के साथ डीजे वाहन चल रहे थे, जिन पर शिव भजनों और धार्मिक गीतों की धुनें गूंज रही थीं। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए आगे बढ़ते नजर आए। अनेक कांवड़ और वाहन आकर्षक विद्युत सजावट, भगवान शिव की झांकियों और तिरंगे से सुसज्जित थे, जो श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रहे थे।
सलावा से भलसोना तक गंगनहर पटरी मार्ग पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए हैं। शिविरों में कांवड़ियों को निशुल्क पेयजल, फल, शीतल पेय, प्रसाद और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। कई स्थानों पर विश्राम की व्यवस्था भी की गई है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुककर आराम करते दिखाई दिए। सरधना पुल के आसपास शाम होते ही धार्मिक माहौल और अधिक जीवंत हो गया। यहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने भगवान शिव पर आधारित भजनों और प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति संगीत की धुनों पर कांवड़िये और स्थानीय लोग भी उत्साह के साथ झूमते रहे।
गंगनहर पटरी मार्ग पर कांवड़ियों की लगातार आवाजाही के चलते पूरा क्षेत्र केसरिया रंग में रंगा दिखाई दिया। ट्रैक्टर-ट्रॉली, पिकअप और अन्य वाहनों पर सवार श्रद्धालु अनुशासन के साथ अपनी यात्रा पूरी करते रहे। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सहित हर आयु वर्ग के श्रद्धालुओं में भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था देखने को मिली। कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क रही। मार्ग पर सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी गई, जबकि सेवा शिविरों में स्वयंसेवक दिन-रात कांवड़ियों की सेवा में जुटे रहे।
सरधना। चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर जल लेकर गुजरते शिवभक्त। संवाद