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बेसबब: धर्म और आस्था ने दो गांवों को दिया सबसे बड़ा दर्द, एक सप्ताह में 12 की मौत, उम्र भर न भरेंगे जख्म

Sun, 16 Jul 2023 10:34 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

धर्म और आस्था के श्रावण महीने में मेरठ के दो गांवों को ऐसा दर्द दिया कि छह परिवारों के जख्म उम्र भर न भर पाएंगे। 11 जुलाई को धनपुरा में एक परिवार के छह लोगों की मौत को लोग भूल भी नहीं पाए थे कि 15 जुलाई को रात सवा आठ बजे करंट की चपेट में आने से छह कांवड़ियों की मौत हो गई।
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Meerut Accident - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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श्रावण मास को धर्म और आस्था का महीना माना जाता है, लेकिन पांच दिन के अंदर ही हुए दो हादसे धनपुरा और राली चौहान गांव के लोग कभी नहीं भूल सकते। पहला हादसा 11 जुलाई को गाजियाबाद में नेशनल हाईवे पर हुआ। जिसमें धनपुरा गांव में रहने वाले एक ही परिवार के छह लोग मौत के मुंह में समा गए थे। जिले के लोग इस हादसे को भूले भी नहीं थे कि शनिवार रात भावनपुर थाना क्षेत्र के राली चौहान गांव में हुए हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। इन हादसों में समानता यह है कि दोनों ही आस्था के सफर पर थे।
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हाईवे पर भीषण हादसा। - फोटो : अमर उजाला
खाटू श्याम जाते समय हुआ था हादसा
धनपुरा गांव का नरेंद्र यादव अपने परिवार के साथ खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहा था। जिसमें नरेंद्र यादव, उसकी पत्नी अनीता, दो बेटे, भाई धर्मेंद्र की पत्नी बबीता व बेटी वंशिका की मौत हुई थी। यह पूरा परिवार खाटू श्याम का भक्त था, जो अक्सर वहां पर आते-जाते रहते थे।
 
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kanwar accident - फोटो : Amar Ujala
पहली बार लाए थे डाक कांवड़, तब हुआ हादसा
राली चौहान गांव में सैनी समाज की यह पहली डाक कांवड़ थी, जिसे लेकर सभी उत्साहित थे। हालांकि इस टीम में शामिल कई लोग पहले सामान्य तौर पर कांवड़ ला चुके है, जबकि कुछ सदस्य पहली बार कांवड़ लाए थे।

इस टीम का उद्देश्य था कि विशाल डाक कांवड़ लाकर समाज का नाम रोशन किया जाए। जैसे-जैसे गांव की तरफ उनके कदम बढ़ रहे थे उनका उत्साह चरम पर था, लेकिन किसी को भी यह आभास नहीं था कि ऐसा भी हो सकता है।
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