श्रावण मास को धर्म और आस्था का महीना माना जाता है, लेकिन पांच दिन के अंदर ही हुए दो हादसे धनपुरा और राली चौहान गांव के लोग कभी नहीं भूल सकते। पहला हादसा 11 जुलाई को गाजियाबाद में नेशनल हाईवे पर हुआ। जिसमें धनपुरा गांव में रहने वाले एक ही परिवार के छह लोग मौत के मुंह में समा गए थे। जिले के लोग इस हादसे को भूले भी नहीं थे कि शनिवार रात भावनपुर थाना क्षेत्र के राली चौहान गांव में हुए हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। इन हादसों में समानता यह है कि दोनों ही आस्था के सफर पर थे।
हाईवे पर भीषण हादसा।
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खाटू श्याम जाते समय हुआ था हादसा
धनपुरा गांव का नरेंद्र यादव अपने परिवार के साथ खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहा था। जिसमें नरेंद्र यादव, उसकी पत्नी अनीता, दो बेटे, भाई धर्मेंद्र की पत्नी बबीता व बेटी वंशिका की मौत हुई थी। यह पूरा परिवार खाटू श्याम का भक्त था, जो अक्सर वहां पर आते-जाते रहते थे।
kanwar accident
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पहली बार लाए थे डाक कांवड़, तब हुआ हादसा
राली चौहान गांव में सैनी समाज की यह पहली डाक कांवड़ थी, जिसे लेकर सभी उत्साहित थे। हालांकि इस टीम में शामिल कई लोग पहले सामान्य तौर पर कांवड़ ला चुके है, जबकि कुछ सदस्य पहली बार कांवड़ लाए थे।
इस टीम का उद्देश्य था कि विशाल डाक कांवड़ लाकर समाज का नाम रोशन किया जाए। जैसे-जैसे गांव की तरफ उनके कदम बढ़ रहे थे उनका उत्साह चरम पर था, लेकिन किसी को भी यह आभास नहीं था कि ऐसा भी हो सकता है।