फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हादसा: दर्द का मंजर देख कांप उठा कलेजा, शवों को पकड़कर झंझोड़ते रहे परिजन, घटना की होगी मजिस्ट्रेटियल जांच

Sun, 16 Jul 2023 09:57 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के भावनपुर में हुए कांवड़ हादसे का कारण क्या रहा इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय समीति का गठन किया गया है। वहीं आज मृतकों के शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। एकसाथ छह मौतों से जहां गांव में कोहराम मचा है वहीं तकरीबन 10 कांवड़िये अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। हादसे की जांच के लिए मजिस्ट्रेटियल जांच बैठा दी गई है।
विज्ञापन
kanwar accident - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के राली चौहान गांव में शनिवार रात को दर्दनाक हादसे का मंजर जिसने भी देखा वहीं सहम गया। जल चढ़ाकर घर लौट रहे डाक कांवड़ियों की ट्रैक्टर -ट्राली 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन से टकरा गई। करंट लगने से छह कांवड़ियों की मौत हो गई। मृतकों में दो सगे भाई और चाचा-भतीजा शामिल हैं। सभी मृतक राली चाैहान के रहने वाले हैं। बुरी तरह से झुलसे 10 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं देर रात को ही घटना से गुस्साए कांवड़ियों ने रोड पर जाम लगा दिया। विद्युत विभाग के अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग की। कांवड़ियों का कहना था कि बिजली आपूर्ति बंद नहीं किए जाने से हादसा हुआ। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने छह कांवड़ियों की मौत की पुष्टि करते हुए हादसे के कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रेटियल जांच बैठा दी है।
विज्ञापन

 

Meerut Accident - फोटो : Amar Ujala
ग्रामीणों का आरोप, शटडाउन मांगा तो जेई ने किया मोबाइल बंद
राली चौहान में हुए हादसे में बिजली निगम के अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आ गई। हादसे के बाद जब मीडियाकर्मी गांव पहुंचे तो ग्रामीण चीख-चीखकर आरोप लगा रहे थे कि बिजली विभाग की वजह से हादसा हुआ है। ग्रामीणों का कहना था कि डाक कांवड़ गांव में पहुंचने से पहले जेई मनोज से शटडाउन मांगा गया था, लेकिन जेई ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। जब कई बार कॉल की गई तो जेई ने मोबाइल को स्विच ऑफ कर लिया था। हालांकि कुछ देर के लिए बिजली की सप्लाई बंद जरूर रही थी, लेकिन फिर से सप्लाई आ गई थी। ग्रामीणों के यह आरोप कितने सही है इसका पता तो जांच के बाद ही चलेगा, लेकिन कारण जो भी रहा हो कई परिवारों ने अपनों को खो दिया।
 

Meerut Accident - फोटो : Amar Ujala
दो साल पहले खींची थी लाइन, तभी किया था ग्रामीणों ने विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि 11 हजार केवी लाइन करीब दो साल पहले एक एक्सपोर्ट कंपनी के लिए खींची गई थी। उस समय ग्रामीणों ने इसका जमकर विरोध किया थी, जिसकी वजह यह थी कि इस रास्ते के एक तरफ पहले से ही 440 वोल्ट की लाइन गुजरी हुई थी और दूसरी तरफ 11 हजारी लाइन खींच दी गई। ग्रामीणों का कहना था कि रास्ते के दोनों तरफ बिजली की लाइन होने से कभी भी कोई हादसा हो सकता है। तब बिजली निगम के अधिकारियों ने कई ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला भी दर्ज करा दिया था। यदि उस समय ग्रामीणों की सुन ली गई होती तो शायद यह हादसा नहीं होता।
 

kanwar accident - फोटो : Amar Ujala
यह बोले अधिकारी
हादसे को लेकर बनाई गई जांच टीम : प्रबंध निदेशक
प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल चैत्रा वी ने बताया कि हादसे को लेकर जांच टीम बना दी गई है। टीम अधीक्षण अभियंता देहात संजीव वर्मा के नेतृत्व में जांच करेगी। अगर मामले में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।

अधीक्षण अभियंता देहात संजीव वर्मा ने बताया कि सड़क किनारे स्थित 11 हजार केवी की लाइन की चपेट में आने से हादसा हुआ है। सामने से आ रहे एक अन्य वाहन चालक को बचाने के चक्कर मे कांवड़ियों का वाहन सड़क किनारे स्थित लाइन की चपेट में आ गया। मामले की जांच की जा रही।

डीएम दीपक मीणा। - फोटो : amar ujala
जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित
पूरी घटना कैसे हुई, क्या कारण रहे। इसको लेकर ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी बना दी गई है। एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में एसपी ट्रैफिक, विद्युत विभाग के अधिकारी और पीडब्लूडी के अधिकारियों की संयुक्त कमेटी बनाई गई है। -जिलाधिकारी दीपक मीणा
विज्ञापन

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण - फोटो : amar ujala
रिपोर्ट के आधार पर दर्ज होगा मुकदमा
लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया जा रहा है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शवों का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जा रही है। -एसएसपी रोहित सिंह सजवाण
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें