आंकलन सिर्फ लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर ही नहीं, बल्कि 2012 और 2017 में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर भी किया जा रहा है। उसमें विपक्षी दलों के नेता खुद की मजबूती का तर्क दे रहे हैं।
2012 के विधानसभा चुनाव में कैराना सीट भाजपा ने जीती थी, लेकिन 60750 वोट लेकर बसपा प्रत्याशी हाजी अनवर हसन दूसरे नंबर पर रहे थे। थानाभवन सीट भी भाजपा ने जीती थी, लेकिन 53454 वोट लेकर रालोद प्रत्याशी अशरफ अली दूसरे नंबर पर थे। इसी तरह शामली सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी पंकज मलिक ने 53947 लेकर जीत दर्ज की थी, तो सपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह 50206 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे थे।
कैराना सीट पर अब तक हुए 13 चुनाव
इस लोकसभा सीट पर अब तक हुए 13 चुनावों में भाजपा ने सिर्फ दो बार जीत दर्ज की। 1998 में भाजपा के टिकट पर पूर्व राज्यपाल वीरेंद्र वर्मा चुनाव जीते थे, तो 2014 में हुकुम सिंह ने जीत दर्ज की थी। इसके अलावा 2009 में बसपा से तबस्सुम हसन, 2004 में रालोद से अनुराधा चौधरी, 1999 में रालोद से अमीर आलम, 1996 में सपा से मुनव्वर हसन, 1989 और 1991 में जनता दल से हरपाल पंवार, 1984 में कांग्रेस से अख्तर हसन, 1980 में जनता पार्टी (एस) से गायत्री देवी, 1977 में बीएलडी से चंदन सिंह, 1971 में कांग्रेस से शफक्कत जंग और 1967 में सोशलिस्ट पार्टी से गय्यूर अली खान सांसद बने थे।
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