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कैराना-नूरपुर उपचुनाव: भाजपा की हार के पीछे ये रही प्रमुख वजह

Tue, 05 Jun 2018 05:17 PM IST
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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फाइल फोटो
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कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट पर हाल ही में हुए उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। ये रही हार की प्रमुख वजह...

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कैराना उपचुनाव में गन्ना बकाया ने ही भाजपा प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाया, ये बात सरकार की समझ में आ गयी है। आगे से ये मुद्दा और कोई नुकसान करे, इससे पहले ही सरकार ने मिलों पर बकाया भुगतान का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के सभी उप गन्ना आयुक्त और जिला गन्ना अधिकारियों से अपने क्षेत्र की मिलों से जल्द ही बकाये का भुगतान कराने के निर्देश दिए गए हैं। बकाया भुगतान नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ सख्ती करने को भी कहा गया है। हालांकि किसी भी शुगर मिल ने बकाया भुगतान की पहल नहीं की है। शुगर इंडस्ट्री का कहना है कि जब तक चीनी के दाम 3600 रुपये कुंतल से ऊपर नहीं होंगे या सरकार मदद नहीं करेंगी तो वे भुगतान देने की स्थिति में नहीं हैं।
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विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा ने गन्ने का पेमेंट 14 दिन के अंदर कराने की घोषणा न केवल अपने लोक संकल्प कल्याण पत्र में की थी, बल्कि चुनावी रैलियों में पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी एलान किया था। लेकिन एक दो मिलों को छोड़कर किसी ने भी किसानों को गन्ना आपूर्ति के बाद 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया। हाल ही में हुए कैराना और नूरपुर उपचुनाव में गन्ने का मुद्दा ही सबसे ज्यादा गरमाया रहा। विपक्ष ने भी बकाया भुगतान को लेकर भाजपा पर जमकर हमले बोले। कैराना में तो जिन्ना नहीं गन्ना चलेगा के नारे लिखे पोस्टर लगा दिए गए।

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