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भर्ती प्रक्रिया में शासन की जांच बनेगी गले की फांस

Sun, 26 Mar 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री के सख्त आदेश के बावजूद शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में भर्ती को लेकर साक्षात्कार कराना अब गले की फांस बनता जा रहा है। सारे मामले को लेकर स्वास्थ्य मुख्यालय (लखनऊ) जांच कराने जा रहा है।
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दरअसल साक्षात्कार प्रक्रिया के साथ ही बाकी सारी प्रक्रिया की भी जांच होगी। क्योंकि मेरिट के अंदर भी तमाम सारी खामियों को लेकर शिकायतों का दौर अब शुरू हो गया है। कुछ लोगों ने आवेदन किया था। लेकिन उनका नाम मेरिट में नहीं है। यह भी नहीं बताया गया कि उनकी कुल परसेंटेज कितनी बैठी। ऐसे में मेरिट से जुड़ी प्रक्रिया पर भी जांच होना संभव है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के कई चिकित्साधिकारी पर जल्द ही गाज गिर सकती है जिन्होंने भर्ती पर रोक लगे होने के बाद साक्षात्कार तक करा लिए।
नियमों का उल्लंघन हुआ मेरिट में
शासन के आदेश पर भर्ती प्रक्रिया रुकने के बाद सारा खेल सामने आ रहा है। साक्षात्कार के दौरान मेरिट को ही वरीयता देने की बात कही जा रही थी। लेकिन अब मेरिट पर ही सवाल खड़ा हो रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के निष्पक्ष तरीके से भर्ती कराए जाने संबंधी दावे भी फ्लाप होते दिख रहे हैं। दरअसल अगर कहीं पर भर्ती में शैक्षिक योग्यता की मेरिट और साक्षात्कार को मुख्य आधार बनाया जाता है, तो उसमें प्रत्येक आवेदनकर्ता की मेरिट जारी करनी होगी। लेकिन यहां पर ऐसे कई आवेदनकर्ता गायब मिले। ऊपर से जिन 16 पदों को लेकर साक्षात्कार कराए जा रहे थे, उनकी मेरिट जारी करने के बाद आपत्ति दर्ज कराने के लिए बेहद कम समय दिया। ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आपत्ति दर्ज कराने की तिथि को आगे जरूर बढ़ाया। लेकिन उन 16 पदों पर आपत्ति दर्ज कराने की तिथि नहीं बढ़ाई, जिन पर शुक्रवार को साक्षात्कार लिए गए। ऐसे में साफ होता है कि विभागीय अधिकारियों को भर्ती करने की कितनी जल्दबाजी थी, जो बिना किसी हित के संभव दिखाई नहीं देती है।  ट्रांसफर-पोस्टिंग का भी खेल
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अभी तक नई सरकार के गठन के बाद ट्रांसफर-पोस्टिंग की कोई बड़ी सूची जारी नहीं हुई है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग में आचार संहिता हटते ही यह खेल शुरू हो गया। बीते हफ्ते पांचली खुर्द सीएचसी पर तैनात डॉ. गुलशन राय व विमला देवी का सीएचसी हस्तिनापुर पर स्थानांतरण कर दिया गया। स्थानांतरण करने से पहले न तो  चिकित्सक का मेडिकल ग्राउंड देखा गया और न ही उनकी अपील को सुना गया। डॉ. गुलशन राय ने कहा कि मेरी बीते साल ही बाईपास सर्जरी हुई है और मेरे लिए अभी बहुत दूर जाना संभव नहीं है। उन्होंने अपनी मेडिकल रिपोर्ट और सर्जरी से जुड़े दस्तावेज भी रखे। लेकिन उसके बाद भी स्थानांतरण कर दिया गया। जबकि सीएमओ कार्यालय ने उन चिकित्सकों को बिल्कुल नहीं छेड़ा, जो दूसरे जिलों से अपडाउन कर रहे हैं जिनकी कार्यालय से लेकर चिकित्सा केंद्र पर उपस्थिति का रिकॉर्ड खराब है। जबकि डॉ. गुलशन राय के बारे में कहा जाता है कि वो सबसे ज्यादा स्वास्थ्य केंद्र को टाइम देने वाले चिकित्सकों में से एक हैं।
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