मेडिकल में हड़ताल करते जूनियर डाॅक्टर व परेशान मरीज बाएं
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इमरजेंसी में आकर कोई भी हमला कर सकता है। कोई सुरक्षाकर्मी नहीं। पुलिस नहीं। सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। कई बार सुरक्षा की मांग किए जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यह कहना है मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों का, जो सोमवार रात 10 बजे से मंगलवार रात 10 बजे तक इमरजेंसी के मुख्य गेट पर धरना देते रहे। हालांकि इमरजेंसी में पुलिस तैनात करने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के आश्वासन पर उन्होंने धरना खत्म कर दिया। उनके बुधवार सुबह से काम पर लौटने की उम्मीद है।
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मंगलवार को इमरजेंसी की चिकित्सा व्यवस्था चरमराई रही। इमरजेंसी में 24 मरीज भर्ती थे। दिन में कोई और मरीज भर्ती नहीं हुआ। रात आठ बजे के बाद आठ मरीज भर्ती हो सके। सीनियर डॉक्टर और इंटर्न व्यवस्था बनाने में लगाए हुए थे, मगर व्यवस्था नहीं बन पा रही थी।
इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों की बड़ी भूमिका रहती है। मेडिकल में करीब 400 जेआर हैं। मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि इलाज तो मिल रहा है, मगर पहले की तरह नहीं। दो मरीजों को उनके तीमारदार इमरजेंसी से निकालकर ले गए। उनका कहना था कि इलाज नहीं मिल रहा, इसलिए दूसरे वार्ड में ले जा रहे हैं। इमरजेंसी से मरीज निकालते हुए भी जूनियर डॉक्टरों से उनकी कहासुनी हुई। पुलिस अधिकारियों और मेडिकल प्रबंधन की जेआर के साथ कई बार बैठक हुईं।
महिला का शव परिजनों को सौंपा
महिला कविता का शव पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया। झगड़े के बाद शव को उनका बेटा वहीं छोड़कर भाग गया था। हालांकि इस दौरान पुलिस ने यह निगरानी रखी कि पोस्टमार्टम हाउस में परिवारवालों के साथ कोई घटना न हो जाए।
प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता की तरफ से मेडिकल थाने में जानलेवा हमले की एफआईआर दर्ज कराई गई है। एक व्यक्ति हिरासत में है, मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है। - आयुष विक्रम सिंह, एसपी सिटी
इमरजेंसी में सुरक्षा का पूरा खाका तैयार कर जूनियर डॉक्टरों को वार्ता की गई है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है, जो 24 घंटे तैनात रहेंगे। उन्होंने हड़ताल खत्म कर जल्द वापस आने का आश्वासन दिया है। उम्मीद है काम पर लौट आएंगे। सीनियर डॉक्टरों की टीम इमरजेंसी की व्यवस्था बनाने में जुटी है। - डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
मेडिकल इमरजेंसी में बनाई गई यह सुरक्षा व्यवस्था
- 24 घंटे रहेगी पुलिस की ड्यूटी, रोस्टर बनाया गया
- सीसीटी कैमरे किए जाएंगे दुरस्त, नए कैमरे लगाए जाएंगे
- पूर्व सैनिक रखे जाएंगे इमरजेंसी में गार्ड