नए जिला पंचायत अध्यक्ष की पहली बोर्ड बैठक मामूली हंगामे के बीच पूरी हो गई। इस दौरान जिला पंचायत सदस्यों में सहमति बनी कि सांसद और विधायक जिला पंचायत निधि से अब कोई कार्य नहीं करा पाएंगे। इसके अलावा जिला पंचायत की जमीन पर मार्केट बनेगी, शहर की दुकानों का किराया दोगुना और ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों के किराए में 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। बैठक में एजेंडे के सभी आठों प्रस्ताव पास हो गए।
बैठक में करीब साढ़े 13 करोड़ के कार्यों पर सहमति बनी। जिला पंचायत की नई निधि में करीब 10 करोड़ रुपये आए हैं, जिसके लिए टेंडर निकाले जाएंगे। हालांकि जल्द ही आचार संहिता लगने की बात है, जिस कारण फिलहाल ये प्रक्रिया टल सकती है। अब सारे कार्य ई-टेंडरिंग के जरिए ही होंगे।
बैठक में वार्ड 28 के जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र चौधरी ने सांसद और विधायकों द्वारा जिला पंचायत निधि से कार्य कराने पर सख्त एतराज जताया, बाद में इस पर सब सहमत हो गए कि आगे से जिला पंचायत निधि से सांसद-विधायक कोई कार्य नहीं करा पाएंगे। उनका आरोप था कि सांसद-विधायकों को जिला पंचायत सदस्यों से दोगुनी-तीन गुनी निधि दे जाती है। अगर इसका विरोध हुआ तो सदस्य जिला पंचायती राजमंत्री से मिलेंगे।
वहीं, जिला पंचायत की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पंचायत की जमीनों पर दुकानें बनाने के एजेंडे के प्रस्ताव पर सहमति बन गई। इसे पूर्व जिला पंचायत सदस्य सीमा प्रधान पास कराना चाहती थीं, मगर उनके कार्यकाल में नहीं हुआ था। भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों ने हंगामा कर इसका विरोध किया था और बैठक से चले गए थे। नए जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर इसे पास कराने में सफल रहे। जिला पंचायत की केसरगंज, हापुड़ बस अड्डे समेत तमाम जगहों पर जमीन है, इसके अलावा भी शहर में और जगह तलाशी जाएंगी। इसके लिए अभियान चलाया जाएगा।
दुकानों के किराए से जिला पंचायत होगी मालामाल
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक लेते अध्यक्ष कुलविंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दरअसल, 30 मार्च 2015 को जिला पंचायत के प्रस्ताव को शहर स्थित दुकानों के विनियमितिकरण शुल्क 25 हजार रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्र में शुल्क 10 हजार रुपये तथा किराया वृद्धि 50 प्रतिशत करके दुकान स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया था, मगर कुछ दुकानदारों द्वारा विनियमितिकरण शुल्क तथा किराया शासनादेश वृद्धि को कम करने की मांग की गई है। यह प्रस्ताव भी पास हुआ, इसमें शहरी क्षेत्र की दुकानों का किराया 50 प्रतिशत बढ़ने पर सहमति बनी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों का किराया 50 प्रतिशत की जगह 25 से 30 प्रतिशत करना तय हुआ।
देर से पहुंचे विधायक और अध्यक्ष
जिला पंचायत की बैठक सुबह 11 बजे शुरू होनी थी, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह करीब एक घंटा देरी से पहुंचे, जिससे बैठक देर से शुरू हो सकी। दोनों विधायक तो बैठक के आखिर में ही पहुंचे। इस दौरान उनकी कुर्सियां खाली रहीं। बैठक डेढ़ बजे खत्म हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि अगली बैठक में पीडब्ल्यूडी के पदाधिकारी जरूर मौजूद हों। बैठक का संचालन जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल शर्मा ने किया। सूत्रों का कहना है कि देर से पहुंचने की वजह यह रही कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने बोर्ड की बैठक से पहले सदस्यों के साथ बैठक की, जिसमें एंजेंडे के प्रस्ताव पर सहमति बनाने पर चर्चा हुई।
हवाई यात्रा में छूट मिलने की मांग
ब्लाक प्रमुख के लिए मेले में अलग से टेंट लगाए जाने पर सहमति बनी। साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों को भी मानदेय मिलना चाहिए। यह प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने यह भी मांग कि उन्हें भी हवाई यात्रा करने में छूट मिलनी चाहिए।
ये प्रस्ताव भी हुए पास
बोर्ड की बैठक लेते अध्यक्ष कुलविंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
- जिला पंचायत की संपत्ति के रखरखाव के लिए सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से एक सेवानिवृत्त पटवारी को निर्धारित मानदेय पर रखना।
- जिला पंचायत के छोटा मवाना स्थित डाक बंगला पर सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से एक चौकीदार को रखने तथा उस पर आने वाले व्यय की स्वीकृति।
- जिला पंचायत की निविदा फीस काफी समय से संशोधित नहीं हो पाई है, जबकि निविदा समाचार पत्रों में प्रकाशित करने और ई-निविदा अपलोड कराने में पंचायत को पूर्व से कहीं अधिक व्यय करना पड़ रहा है। निविदा फीस पर बढ़ोतरी किया जाना।
निविदा की धनराशि (लाख में) प्रचलित फीस संशोधित फीस
एक लाख तक 50 रुपये 100
एक से ढाई लाख तक 100 200
ढाई से पांच लाख तक 200 400
पांच से 10 लाख तक 300 600
10 लाख से अधिक 1000
बैठक में 14 सदस्य नहीं आए
बबीता वार्ड 4, रीना कुमारी वार्ड 5, ललित चौहान वार्ड 7, हेमलता वार्ड 13, सतवीर वार्ड 14, मीनाक्षी वार्ड 15, कुसुम वार्ड 21, सतपाल वार्ड 24, वरुण वार्ड 26, साहिब आलम वार्ड 27, अनुज वार्ड 29, नवाजिश वार्ड 31, रोहताश वार्ड 33 और दिलशाद वार्ड 34।
दो विधायक, छह ब्लाक प्रमुख और 20 जिला पंचायत सदस्य पहुंचे
जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर के अलावा, विधायक दिनेश खटीक, विधायक सतवीर त्यागी, ब्लाक प्रमुखों में अनिल कुमार जानी, योगेंद्र रजपुरा, प्रेम सिंह मवाना, नितिन मेरठ, कौशल्या माछरा, बेनापाल परीक्षितगढ़, सदस्यों में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान, मनोज अधाना, शफीक, मनोज चरला, जितेंद्र चौधरी, सुमन भदौड़ा, नितिन खटीक, हेमा, सुबोध, बबीता, अंजू, अनीता, रविंद्र, तनु, शमशाद, विनोद, कृष्णा, डॉ. मनोज और मुन्ना गिरी।
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