उन्होंने बताया कि 73 वर्ष की उम्र होने के चलते उन्हें आंखों से कम दिखाई देता है, जिस कारण जब भी वह लॉकर में कुछ सामान रखने जाते थे तो बैंक कर्मचारी को साथ लेकर जाते थे। मंगलवार को उनकी बेटी डॉ. नीलिमा ने गहनों की आवश्यकता की बात कही, जिसके बाद वह बेटी को लेकर बैंक पहुंचे। लॉकर रूम में पहुंचने के बाद उन्हें लॉकर खुला मिला और 20 लाख के जेवर लॉकर से गायब थे।
इस पर उन्होंने बैंक की शाखा प्रबंधक रश्मि को मौके पर बुलाया, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। उन्होंने मामले की जानकारी पीआरवी को दी। मौके पर पहुंची पीआरवी व मोदीपुरम चौकी इंचार्ज ने घटना की जानकारी लेकर बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। पीड़ित सलीमुद्दीन खान ने पल्लवपुरम थाने पहुंच कर पुलिस को जानकारी देते हुए तहरीर दी।
वहीं, थाना प्रभारी मुन्नेश सिंह ने मामले की जानकारी से सीओ दौराला को अवगत कराया, जिस पर सीओ दौराला ने पीड़ित सलीमुद्दीन से जानकारी लेने के लिए बुधवार को सीओ कार्यालय कंकरखेड़ा बुलाया है।
शाखा प्रबंधक रश्मि का कहना है कि बैंक की इसमें कोई गलती नहीं है। खाता धारक व बैंक की चॉबी से ही लॉकर ऑपरेट होता है। उपभोक्त के लॉकर रूम से बाहर आने के बाद लॉकर रूम का इंचार्ज अंदर जाकर सिर्फ यह जांच करता है कि कुछ नीचे तो नहीं गिरा या लॉकर खुला तो नहीं रहा। बताया कि अंतिम बार सलीमुद्दीन ने एक फरवरी 2022 को लॉकर ऑपरेट किया था। इसके बाद वह मंगलवार को पहुंचे।
मामला संदिग्ध है। बुधवार को दोनों पक्षों को सीओ कार्यालय पर बुलाया गया है। शाखा प्रबंधक से भी बात हुई है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। - शूचिता सिंह, सीओ दौराला