मोरध्वज किला परिसर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु
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श्रीकृष्ण ने राजा मोरध्वज के दरबार में पहुंचने से पहले ही अपना और अर्जुन का वेश साधु का बना लिया। राजा मोरध्वज के दरबार में जाकर भगवान श्रीकृष्ण ने राजा से अपने भूखे शेर के लिए भोजन की याचना की। जैसे ही राजा मोरध्वज ने दरबारियों से शेर के लिए खाने की व्यवस्था करने का आदेश दिया तो श्रीकृष्ण ने कहा कि मेरा शेर सिर्फ बच्चे का ताजा मांस ही खाता है।