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सहारनपुर: राजपूतों के मकानों पर लिखा 'जय भीम', माहौल बिगाड़ने की कोशिश

Tue, 15 May 2018 09:01 PM IST
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
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दीवारों पर लिखा जय भीम - फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में सरसावा के ठाकुर बहुल गांव रायपुर में शरारती तत्वों ने एक बार फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। गांव में राजपूतों के मकानों की दीवारों पर जय भीम के नारे लिख दिए गए।

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घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस से लोगों ने मामले का खुलासा कर आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। राजपूत और दलित समाज के लोगों ने मामले को तूल नहीं देने का निर्णय लिया और माहौल बिगाड़ने की साजिश को नाकाम कर दिया। चार माह पहले भी गांव इसी तरह की कोशिश हुई थी, तब दलितों के मकानों पर जय श्रीराम लिख दिया था। 

तब भी दोनों समाज के लोग सौहार्द बनाए रखने के लिए आगे आए थे। दोनों समाज के लोग जय भीम और जय श्रीराम लिखे जाने को गलत नहीं मानते, लेकिन जिस तरह रात में यह लिखा जा रहा है, उसे गलत बता रहे हैं। 
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ग्राम रायपुर में रविवार को दिन निकलने के बाद लोग जैसे ही अपने घरों से निकले तो राजपूत समाज के लोगों के करीब एक दर्जन मकानों की दीवारों पर नीले रंग से जय भीम के नारे लिखे हुए देखे। गांव में हंगामा मच गया और लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा। मामला बढ़ता इससे पूर्व ही गांव के गण्यमान्य लोगों ने इसे किसी शरारती तत्व की करतूत बताते हुए ग्रामीणों को शांत किया।

पढ़ें : सहारनपुर में जातीय हिंसा भड़काने की थी साजिश, जांच में सामने आया ये सच

फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सूचना पर गांव में पहुंची पुलिस ने दीवारों पर लिखे गए नारों की फोटोग्राफी कराई और  लोगों से  गांव में शांति बनाए रखने की अपील की। कुछ दीवारों से नारे को हटवाया भी गया है। ग्राम प्रधान पति दिनेश राणा और भाजपा नेता जसरथ राणा ने गांव के आक्रोशित युवकों को शांत करते हुए कहा कि कुछ बाहरी तत्व गांव की फिजां बिगाड़ने पर आमादा है, गांव के लोग लड़ बैठे तो उनका मंसूबा पूरा हो जाएगा। दलित पक्ष के अजब सिंह ने कहा कि शरारती तत्वों की ये बेहद घटिया और उकसाने वाली हरकत है जिससे पूरे गांव को सावधान रहना होगा। 

गांव के दलजीत राणा ने कहा कि जय श्रीराम या जय भीम लिखने में कुछ गलत नहीं है,ऋषि मुनि और महापुरुष किसी जाति बिरादरी के नहीं बल्कि सर्व समाज के आदर्श  होते हैं।  लेकिन रात में लिखा जाना आपत्तिजनक है, इससे शरारती तत्व की मंशा का पता चलता है। थाना प्रभारी यशपाल धामा का कहना है कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है, आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

सचिन मौत के खुलासे के लिए फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार
भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की गोली लगने से हुई मौत के मामले के खुलासे के करीब पुलिस पहुंच चुकी है। पुलिस के  अनुसार जांच पूरी हो चुकी है। अब सिर्फ फोरेंसिक जांच टीम की रिपोर्ट के आने का इंतजार किया जा रहा है। एक दो दिन में पुलिस घटना का खुलासा कर सकती है।

सहारनपुर में महाराणा जयंती समारोह कार्यक्रम से करीब एक किलोमीटर दूरी पर ग्राम रामनगर में हुई सचिन वालिया की गोली लगने से मौत के मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर ली है। पुलिस का दावा है कि उसके पास घटना से संबंधित काफी साक्ष्य एकत्रित हो चुके हैं। दो दिन पूर्व मुरादाबाद से रामनगर पहुंची फोरेंसिक जांच टीम ने जांच पूरी की। 

जिसमें घटनास्थल से खून और मिट्टी के नमूने उठाए थे। डीएनए टेस्ट के लिए भी सैंपल भेजे गए हैं। जिसकी रिपोर्ट का भी पुलिस इंतजार कर रही है। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि पुलिस की जांच काफी हद तक पूरी हो चुकी है। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट एवं डीएनए टेस्ट कराकर रिपोर्ट मंगाई जा रही है।

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एसपी सिटी पर है साजिश का आरोप

फाइल फोटो
सचिन वालिया की मां कांति देवी ने सचिन वालिया की मौत के मामले में राजपूत समाज के महाराणा प्रताप जयंती के आयोजन एवं क्षत्रिय राजपूत संगठन से जुड़े चार पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह को भी जयंती की अनुमति देने का जिम्मेदार बताते हुए साजिश का आरोपी बनाया गया था।
 
बदला गैंग के सदस्य होने की आशंका
मेरठ में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बदला गैंग के सदस्यों से पूछताछ करने के लिए सहारनपुर पुलिस की टीम भी पहुंचेगी। सहारनपुर पुलिस को आशंका है कि सहारनपुर के कुछ लोग भी इस गैंग में शामिल हो सकते हैं। यह भी पता करने का प्रयास किया जाएगा कि सहारनपुर में किन लोगों की हत्या करने का षड्यंत्र किया जा रहा था।

27 मई को लेकर पुलिस प्रशासन तनाव में
शनिवार को रामनगर में सचिन वालिया के तीजा और तेहरवीं की रस्म के दौरान शोक सभा आयोजित कर 27 तारीख को श्रद्धांजलि सभा का एलान कर एक बार फिर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को तनाव में डाल दिया है। इस श्रद्धांजलि सभा में दूर दराज से लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।

बालिका के बयान, वीडियो, ऑडियो को माना पर्याप्त सबूत
पुलिस ने  मामले में  एलआईयू के एक अधिकारी द्वारा बनाई गई वीडियो, वायरल हुए एक ऑडियो, एक बालिका के बयान और एक मकान से जब्त की गई कुछ चीजों को घटना के खुलासे के लिए पर्याप्त सबूत माना है। जबकि अभी तक न तो गोली मारने वाला कोई आरोपी पुलिस के पास है और न ही जिस तमंचे की गोली से सचिन की मौत हुई, उसे ही अब तक पुलिस बरामद कर पाई है।

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