पाप-पुण्य का हिसाब रखना जरूरी : भव्य भूषण मुनिराज
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में भक्तामर विधान एवं पाठ के 25वें दिन शुक्रवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
गुरुवर 108 भव्य भूषण मुनिराज ने कहा कि पाप पुण्य का हिसाब रखना भी जरूरी है जिस प्रकार तुम अपने लाभ-हानि, आय-व्यय का हिसाब लगाते हो उसी प्रकार प्रत्येक दिन के स्वयं द्वारा किये गये पाप-पुण्य और क्रिया-कलापों का हिसाब लगाना, तभी तुम्हारे जीवन में सुधार संभव है। तभी तुम पाप कर्म से बच सकोगे।
भक्तामर विधान पाठ में स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य प्रमोद जैन, शांतिधारा करने का सौभाग्य आनंद कुमार, शुभम जैन, अमित, छोटू जैन रांची, विमल प्रसाद जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन आशा जैन, दीपा जैन, दर्शनी देवी आदि ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। आदिनाथ भगवान की पूजा व तीर्थंकरों को अर्घ्य चढ़ाने के बाद 151 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल धनप्रकाश जैन, अनिल जैन, कुणाल जैन, नवीन जैन, अनिल जैन, अरुण जैन का सहयोग रहा।