उत्तर प्रदेश के बागपत में सिंचाई विभाग के अफसरों द्वारा लाखों के पेड़ों की नीलामी हजारों में कराने का प्रकरण अब तूल पकड़ता जा रहा है, क्योंकि नीलामी से पूर्व न तो सिंचाई विभाग के अफसरों ने नीलामी के लिए कोई प्रचार-प्रसार कराया है और न ही काटने वाले पेड़ों का सही ढंग से मूल्यांकन किया। इससे अब सिंचाई विभाग के अफसरों के साथ-साथ वन विभाग के अफसरों पर भी सवाल उठने लगे हैं। अन्य ठेकेदारों ने भी नीलामी में न बुलाने पर नाराजगी जताई और डीएम से हस्तक्षेप कर दोबारा से पेड़ों की नीलामी कराने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में सिंचाई विभाग के अफसरों ने कुछ ठेकेदारों पर मेहरबानी कर सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर एक गोपनीय बैठक कर कार्यालय परिसर सहित पूर्वी यमन नहर और रमाला विभागीय क्षेत्र में खड़े करीबन 19 पेड़ों की नीलामी जो करीबन 3 से 4 लाख रुपये के थे, उसकी नीलामी मात्र 96 हजार रुपये के करीब कर दी और अब पेड़ों को काटने की तैयारियां की जा रही है। यह प्रकरण अब तूल पकड़ता जा रहा है, क्योंकि रटौल और सिवाल खास के कुछ ठेकेदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि नीलामी से पूर्व न तो नीलामी का प्रचार-प्रसार कराया और न ही किसी समाचार पत्र में नीलामी की सूचना प्रकाशित कराई।