मेरठ। संयुक्त शिक्षा निदेशक ओपी द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। वहीं, भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते मंडल आयुक्त ने उनके खिलाफ जांच बैठा दी है। उनके कार्यालय की दो अलग-अलग वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
एक वीडियो में ओपी द्विवेदी खुद बैठे नजर आ रहे हैं। वहीं उनके ऑफिस के दो अलग-अलग कर्मचारियों की दूसरी वीडियो है। जिसमें गाजियाबाद के व्यक्ति द्वारा आरोप लगाया गया कि उन्होंने तीन लाख रुपये दिए। इसके बावजूद उनका काम नहीं हुआ और न ही रुपये लौटाए। वहीं, 22 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लिपिक वर्ग में पदोन्नति की खातिर साक्षात्कार कराने तथा अन्य आरोप लगे हैं।
वहीं, संयुक्त शिक्षा निदेशक ओपी द्विवेदी आरोपों को गलत बता रहे हैं। हालांकि वे जांच में घिर सकते हैं। जिन 22 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लेकर शिकायत की गई है उनसे पांच-पांच लाख रुपये लेकर लिपिक वर्ग में पदोन्नत करने की तैयारी है। उनमें से अधिकतर कर्मचारी मेरठ मंडल के बीएसए एवं डीआईओएस कार्यालय के हैं। यदि इन कर्मचारियों की निकट भविष्य में पदोन्नति हुई तो यह मामला मुश्किलें पैदा कर सकता है।