22 उपद्रवियों के खिलाफ वारंट जारी
मेरठ। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में बीते साल 20 दिसंबर को हुई हिंसा में शामिल 22 उपद्रवियों के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। एसपी क्राइम रामअर्ज ने बृहस्पतिवार को थानेदारों की बैठक कर सभी वांछितों की धरपकड़ तेज करने के निर्देश दिए हैं।
एसपी क्राइम ने बताया कि 20 दिसंबर को हुई हिंसा में गोली लगने से पांच युवकों की मौत हुई थी। कई घायल हुए थे। जाकिर कॉलोनी और इस्लामाबाद पुलिस चौकी समेत 20 वाहनों को फूंक दिया गया था। शहर के विभिन्न थानों में कुल 23 मुकदमे दर्ज हुए थे। 22 मुकदमों में चार्जशीट लग चुकी है। अब तक 117 उपद्रवी जेल जा चुके हैं। 48 फरार हैं। एसपी ने बताया कि नौचंदी थाने से सात, ब्रह्मपुरी थाने से दस और लिसाड़ी गेट थाने से पांच उपद्रवियों के गिरफ्तारी वारंट कोर्ट ने जारी किए हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि सिर्फ एक मुकदमे में चार्जशीट लगना बाकी है। जल्द ही उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
आरोपियों की तलाश में दी दबिश
मेरठ। 20 दिसंबर को हुई हिंसा के आरोपियों की तलाश में बुधवार देररात लिसाड़ी गेट पुलिस ने गाजियाबाद में दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के दो रिश्तेदारों साजिद और मेहताब को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इंस्पेक्टर क्राइम प्रह्लाद सिंह ने बताया कि कुछ आरोपियों की गाजियाबाद में लोकेशन मिल रही थी। उसी के आधार पर दबिश दी गई। आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन उनके रिश्तेदारों को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संवाद