मेरठ। गोशाला में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की जांच की आंच कई जिम्मेदारों पर आएगी। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह व केयर टेकर भारत कुमार के अलावा कई लोगों के नाम पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आए हैं। इनके खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे हैं। बताया गया है कि शासन ने मेरठ पुलिस-प्रशासन के अफसरों से विभागीय जांच रिपोर्ट मांगी है। इस प्रकरण में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की शासन की मंशा है।
गोवंशों की दुर्दशा के बाद प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल सिंह के जेल जाने के बाद भी भाजपा नेता और पार्षदों में आक्रोश कम नहीं हो रहा है। पार्षदों द्वारा लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर निगम के अफसरों पर भद्दे कमेंट कराने का सिलसिला जारी है। डॉ. हरपाल के अलावा गोशाला में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था कराने में अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ भी भाजपा नेता और पार्षद ने सोशल मीडिया पर मुहिम चला रखी है। जिस पर पुलिस की नजर है। सिविल लाइन थाने और परतापुर थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना पुलिस ने शुरू कर दी है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि इस प्रकरण में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी तय है। डॉ. हरपाल के पास से कुछ दस्तावेज मिले हैं, इसकी जांच करने में पुलिस जुट गई है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर को पुलिस रिमांड पर भी लेगी। पैसे कौन-कौन लेते थे, इसकी भी जांच कराएंगे। नामजद निगम के लिपिक विकास शर्मा की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।
यह था मामला
परतापुर स्थित कान्हा उपवन में गोवंशों की दुर्दशा का मामला अमर उजाला ने 16 जुलाई 2025 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद नगर निगम की नींद टूटी। अस्थायी दस कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर निगम ने पल्ला झाड़ने का प्रयास किया। भाजपा नेता विनीत शारदा अग्रवाल, पार्षद उत्तम सैनी सहित कई लोगों ने गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा का मुद्दा प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह के सामने उठा दिया। प्रभारी मंत्री ने गोशाला का निरीक्षण किया, इसके बाद प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह को हटाया गया। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव से जानकारी ली, इसके बाद मेरठ के प्रशासन में खलबली मची। सोमवार को परतापुर में दो कंपनी और सिविल लाइन थाने में डॉ. हरपाल पर सरकारी संपत्ति का गबन, पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ। पुलिस ने सोमवार रात डॉक्टर को गिरफ्तार किया। मंगलवार को उन्हें कोर्ट ने पेश किया, जहां से उनको न्यायिक हिरासत में लेकर 14 दिन के लिए जेल भेजा।
इस बिंदु पर जांच कर रही पुलिस
- डॉ. हरपाल सिंह के ऑफिस की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज मांगी है। गोशाला में चारे के नियमित बिल कौन सी फर्म से आते थे। लाठी-डंडों की सप्लाई के बिल देने वाली फर्म, नामजद दोनों कंपनियों का रिकॉर्ड, भूसा, चोकर, हरा चारा और अन्य सामान के बिल, भुगतान कैसे हुआ। डॉ. हरपाल के अलावा गोशाला की जिम्मेदारी किस-किसकी थी, इसको लेकर भी पुलिस निगम के अधिकारियों से पूछताछ करेगी।