मेरठ। कलक्ट्रेट सभागार में डीएम डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष योजना के तहत जिला संचालन समिति बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों में पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और आर्थिक सहायता प्रदान करना रहा। बैठक में कुल 22 प्रकरणों पर गहनता से विचार-विमर्श किया। 35 प्रकरणों में एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त न होने और जांच पूरी न होने के कारण निर्णय लंबित रहा।
समिति ने 6 प्रकरणों में एफआईआर, चार्जशीट एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित महिलाओं को क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई। 11 प्रकरणों में एफआईआर, आरोप पत्र, मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट के परीक्षण के उपरांत साक्ष्यों के अभाव में प्रकरणों को अस्वीकृत कर दिया गया। डीएम ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए निदेशक, विधि विज्ञान प्रयोगशाला निवाड़ी मोदीनगर को पत्राचार किया। संबंधित प्रकरणों को अगली जिला संचालन समिति की बैठक में दोबारा प्रस्तुत किया हैं, ताकि पीड़ितों को लाभ मिल सके। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं तत्परता के साथ कार्य किया जाए। पात्र पीड़ितों को योजना का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस दौरान एडीएम सिटी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, सहायक अभियोजन अधिकारी, नोडल मेडिकल ऑफिसर्स, जिला प्रोबेशन अधिकारी, महिला कल्याण विभाग तथा महिला सम्मान प्रकोष्ठ पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।