फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ी कार्रवाई: थानाध्यक्ष पर गिरी गाज, लखनऊ तक मामले की गूंज, अमर उजाला ने किया था खुलासा

Wed, 30 Sep 2020 10:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह - फोटो : Facebook from SO Dharmendra Singh
विज्ञापन

मेरठ में घने जंगल में आलीशान फार्म हाउस बनाने वाले हस्तिनापुर थानाध्यक्ष धर्मेेंद्र सिंह पर गाज गिर गई है। फार्म हाउस मामले में जहां उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई है, वहीं मंगलवार को शास्त्रीनगर स्थित उनके फ्लैट में बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद देर रात निलंबित कर दिया गया। इससे पहले सुबह उन्हें लाइन हाजिर भी कर दिया गया था।

विज्ञापन


अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में हस्तिनापुर स्थित द्रौपदी घाट के पास धर्मेंद्र के आलीशान फार्म हाउस का खुलासा किया था। पोल खुलने पर आला पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एडीजी जोन राजीव सभरवाल व आईजी प्रवीण कुमार ने एसएसपी अजय साहनी को पूरे मामले की जांच कराने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके बाद आईजी ने एसपी देहात को जांच करने के लिए कहा, जबकि एसएसपी ने सीओ मवाना उदय प्रताप सिंह से दो दिन में जांच रिपोर्ट तलब की है। आरोप है कि सवा दो साल से हस्तिनापुर थाने में तैनात धर्मेंद्र ने पद का दुरुपयोग कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है।

गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार दोपहर बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता शहर एके सिंह के नेतृत्व में विभाग की टीम ने शास्त्रीनगर की एसटूएस कारनेशन कॉलोनी स्थित धर्मेंद्र के फ्लैट नंबर 2 एस पर छापा मारा तो वहां बिजली चोरी होती मिली। धर्मेंद्र ने फ्लैट लेने के बाद से बिजली कनेक्शन ही नहीं लिया था। सीढ़ियों के नीचे लगे विद्युत बसबार से बिजली चोरी की जा रही थी। देर शाम कंकरखेड़ा स्थित विद्युत चोरी निरोधक थाने के प्रभारी कर्मवीर सिंह ने उनके खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। बिजली विभाग धर्मेंद्र पर लोड के अनुसार शमन शुल्क और राजस्व का निर्धारण करेगा।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: थानाध्यक्ष का आलीशान फार्म हाउस, स्वीमिंग फूल... एसी कमरे और खूबसूरत लॉन, देखिए तस्वीरें
विज्ञापन


लखनऊ तक पहुंचा मामला, एसीबी भी करेगी जांच
निलंबित किए गए थानाध्यक्ष के फार्म हाउस का मामला मंगलवार सुबह लखनऊ तक पहुंच गया था। फार्म हाउस के लिए धर्मेद्र ने कहां से पैसा अर्जित किया, मकसद क्या है और यहां कौन-कौन आता था, अधिकारियों ने इसकी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। यही नहीं, एडीजी ने पूरे मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से कराने के भी निर्देश दिए हैं।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें