- भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। जिले की तहसीलों में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा निजी व्यक्तियों के माध्यम से कार्य कराए जाने और उससे उपजे भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं।
भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी द्वारा मंडलायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया था कि मेरठ, मवाना और सरधना तहसीलों में अधिकारी व कर्मचारी निजी लोगों को अनधिकृत रूप से कार्यालय कार्यों में लगा रहे हैं। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। शिकायत के आधार पर डीएम ने तीनों तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारों से रिपोर्ट तलब की है।
उन्हें निर्देशित किया वह अपने-अपने कार्यालयों का निरीक्षण कर यह स्पष्ट करें कि किन अधिकारियों द्वारा निजी कर्मियों से कार्य कराया जा रहा है। साथ ही इसकी सूची बनाकर जिला प्रशासन को सौंपने के लिए कहा गया है।
एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर ने बताया कि तहसील परिसर में स्थित सभी विभागीय कार्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शीघ्र ही जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।