मेरठ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी विद्यालयों से उनके यहां रिक्त शिक्षकों के पदों का ब्यौरा मांगा गया है। पहली बार स्कूलों को इकाई मानकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण के पदों की जानकारी भी मांगी गई है, लेकिन बड़ी संख्या में स्कूल प्रबंधन एक्सल शीट में शामिल ईडब्ल्यूएस कॉलम को समझ नहीं पाए और अपना ब्योरा नहीं भेज पाए।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण 2019 में शुरू हुआ। आरक्षण की इकाई सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों को मानकर शिक्षकों के पदों में आरक्षण का निर्धारण किया जाता है और खाली पदों का ब्योरा स्कूलवार ही आयोग को भेजा जाता था। 2021 में शिक्षकों की भर्ती में प्रदेश स्तर पर ही ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू हो गया था, लेकिन अब शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्कूलों को ही इकाई मानकर शिक्षकों के खाली पदों का ब्योरा आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने भी सभी एडेड स्कूलों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों से खाली पदों का ब्योरा भेजने के निर्देश दिए थे। शिक्षकों का कहना है कि कई स्कूलों को एक्सल शीट में ईडब्ल्यूएस आरक्षण का कॉलम समझ नहीं आया और वह उसे नहीं भर पाए। इसके बाद भी बड़ी संख्या में स्कूलों ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण का निर्धारण करते हुए अपने यहां खाली पदों का ब्योरा भेज दिया।
माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के महानगर उपाध्यक्ष राजेश त्यागी खंदरावली का कहना है कि अब टीजीटी व पीजीटी की भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी आरक्षण के साथ ही ईडब्ल्यूएस आरक्षण को भी शामिल किया गया है।