सीसीएसयू की पीएचडी की गाड़ी एक झटका लगने के बाद फिर रुक जाती है। विभागाध्यक्षों की बैठक में तय हुआ कि सितंबर में सब विषयों के कोर्स वर्क शुरू कर दिए जाएं। कोर्स वर्क के इंतजार में बैठे कई हजार अभ्यर्थियों के लिए यह राहत की खबर है। लेकिन जिस रफ्तार से पीएचडी का काम चल रहा है, उसे देखकर नहीं लगता सितंबर में सभी विषयों के कोर्स वर्क शुरू हो पाएंगे।
पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट हुए चार महीने गुजर गए। विवि ने रिजल्ट तो 15 दिन में दे दिया, लेकिन बाकी काम लटका है। खाली सीटों की संख्या कॉलेजों से विषयवार मांगी है। पहले तो विवि मांगने में लेट था, दूसरे अधिकांश कॉलेजों का रुख लापरवाही भरा है। अभी तक खाली सीटों की संख्या अपडेट नहीं हुई है। काफी कॉलेजों ने तो जानकारी भेजी नहीं है। जब छात्र हंगामा करते हैं तब विवि के अधिकारी और कर्मचारी हरकत में आते हैं। ढंग से काम किया जाए तो विवि 15 दिन में रिसर्च के काम को पटरी पर ला सकता है। कोर्स वर्क शुरू कर सकता है। अब विभागाध्यक्षों की बैठक में सितंबर के पहले सप्ताह तक कोर्स वर्क शुरू करने की बात कही है।
सर्टिफिकेट का इंतजार
पीएचडी एंट्रेंस क्वालीफाई करने वाले छात्रों को सर्टिफिकेट का इंतजार है। सर्टिफिकेट देने का आदेश एक सप्ताह पहले पास हो चुका है। लेकिन यह अभी तक अमल में नहीं आया। अधिकारियों के आदेश देने और छात्रों को सुविधा मिलने के बीच में जो लापरवाही हो रही है, वह विवि के अच्छे कामों पर पानी फेरने का काम कर रही है।
कॉलेजों को भेजा रिमाइंडर
विवि ने कॉलेजों से खाली सीटों की संख्या मांगने के लिए रिमाइंडर भेजा है। तीन कार्य दिवस पर शिक्षकों के अंडर में खाली सीटों की जानकारी मांगी है। विवि ने कहा है सीटों की संख्या बताएं, ताकि आवंटन का काम जल्द किया जा सके।