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कूड़ा उठाने को तैयार उच्चशिक्षित बेरोजगार

Thu, 11 Aug 2016 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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नगर निगम में फार्म भरते आवेदक - फोटो : अमर उजाला
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 पद नगर निगम में संविदा सफाईकर्मी। उम्र सीमा 18 से 40 वर्ष। शैक्षिक योग्यता कोई नहीं। युवा और उच्चशिक्षित बेरोजगार इस नौकरी को पाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। इसकी हकीकत निगम में लगा बेरोजगारों का मेला बयां कर रहा है। संविदा सफाई कर्मचारी बनने के लिए सामान्य, पिछड़ी, अल्पसंख्यक जातियों के बीए, एमए और बीएड पास युवाओं की भीड़ लगी है। ये युवा अपने स्वाभिमान को भी दांव पर लगाने के लिए तैयार हैं। कहते भी हैं कि भले ही हम उच्चशिक्षित हैं। लेकिन नौकरी के लिए शहर का कूड़ा उठाने के लिए भी तैयार हैं।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निगम में संविदा पर 2355 सफाई कर्मचारियों की भर्ती खोली हुई है। जिसके लिए बुधवार शाम तक डाक से 12 हजार जबकि ऑनलाइन 28 हजार फार्म जमा हो चुके हैं। 12 अगस्त को फार्म जमा करने की अंतिम तिथि है। जिसके चलते आवेदन पत्र जमा करने के लिए लंबी लाइनें लगी हैं। बेरोजगारों के इस मेले में सफाई कर्मचारी बनने के लिए होड़ लगी है। युवा दिन भर धक्कामुक्की, नोकझोंक के बाद फार्म जमा कर पा रहे हैं। बुधवार को अधिक भीड़ को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने दो काउंटर और बढ़ा दिए हैं।
सफाईकर्मी के 2355 पदों के लिए सबसे ज्यादा सामान्य के लिए 1177, एससी वर्ग के लिए 495, ओबीसी के लिए 636 और अनुसूचित जनजाति के लिए 47 पद निर्धारित किए गए हैं। कैसे भी, कोई भी नौकरी पाने के लिए युवा बेरोजगारों को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक 40 हजार आवेदन निगम में पहुंच चुके हैं। जबकि दो दिन अभी बाकी हैं। 12 अगस्त के बाद आवेदनों की स्क्रूटनी और मेरिट बनने का काम शुरू होगा।  
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छलक उठता है दर्द
इन युवाओं ने बड़ी मेहनत कर भले ही उच्चशिक्षा पायी हो। लेकिन नौकरी की कड़ी प्रतिस्पर्धा ने इन्हें सफाईकर्मियों की नौकरी के लिए लगी लाइनों में लाकर खड़ा कर दिया है। बुधवार को आवेदन पत्र जमा करने आए ऐसे कुछ युवाओं से बात की गई तो उनका दर्द छलक उठा। नाम न छापने की शर्त पर एक युवक इतना ही बोला कि सर क्या करें, पढ़ तो बहुत लिए। लेकिन क्या करें ऐसी डिग्री का जो चपरासी तक की नौकरी नहीं मिल रही। अब भाग्य को मंजूर होगा तो सफाई कर्मी ही बन जाएंगे।

विरोध भी झेल रहे
इस भर्ती में आरक्षण का निगम के आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी नेता खुलकर विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को तो निगम परिसर में वाल्मीकि समाज के युवकों ने तोड़फोड़ करते हुए इन बेरोजगारों को भगा दिया था। बुधवार को आवेदकों की अधिक भीड़ के कारण अपर नगरायुक्त रामभरत तिवारी ने निगम स्थित जलकल कर्मचारी यूनियन के कार्यालय में अतिरिक्त काउंटर खुलवाकर फार्म जमा करने की व्यवस्था शुरू करायी। अपर नगरायुक्त का कहना है कि सफाई कर्मचारी नेताओं को भर्ती को लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए। आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना ठीक नहीं होगा। पूरी भर्ती प्रक्रिया सफाई कर्मचारियों के हित में है।
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