ऑनलाइन सोशल ट्रेडिंग के कारोबार के मोह ने लोगों को आर्थिक संकट में ला दिया है। ब्याज पर रकम लेकर इस धंधे में लगाने वाले लोग सबसे अधिक परेशान हैं। ऐसे लोगों की फेहरिस्त काफी लंबी है। यूपीएसटीएफ और अन्य जांच एजेंसियों को मिल रही शिकायतों में लोग अपना दर्द भी बयां कर रहे हैं। साथ ही अपनी रकम वापस दिलाने की गुहार भी कर रहे हैं।
मुजफ्फरनगर निवासी विक्रम त्यागी ने अपनी शिकायत में लिखा है कि उसने दोस्तों और रिश्तेदारों से 2 प्रतिशत की दर से सवा लाख रुपया नवंबर में ब्याज पर लेकर इस धंधे में लगाया था, लेकिन उसके महज 16 हजार रुपये ही वापस मिल पाए हैं। बाकी का पैसा उसे वापस नहीं मिल पाया है। इधर ब्याज बढ़ता जा रहा है। जिन लोगों से रकम उधार ली है, उनका तगादा भी बढ़ने लगा है।
मवाना के देवेश गुप्ता ने 1.15 लाख रुपये प्रति आईडी के हिसाब से तीन आईडी खरीदी थी। एक आईडी के पैसे का इंतजाम घर से किया गया, जबकि बाकी का पैसा रिश्तेदारों से उधार लिया गया। कुल तीन लाख 45 हजार की रकम कारोबार में लगाई। उम्मीद थी कि एक साल में करीब छह से नौ लाख रुपये की कमाई करूंगा। आगे चलकर आईडी की संख्या बढ़ा दूंगा। साथ ही अपने कई रिश्तेदारों को भी मेंबर बनाया। अब तक कुल 42 हजार रुपये की रकम वापस मिली है। तीन लाख तीन हजार रुपये उसके फंस गए हैं। जबकि दोस्तों का भी करीब छह से आठ लाख रुपया तक फंसा है।
पीसीएस अधिकारियों ने भी खरीदी आईडी
जांच एजेंसियों की रडार पर कुछ ऐसे लोग भी आ रहे हैं, जिन्होंने नोट बंदी के दौरान अपनी काली कमाई ऑनलाइन ट्रेडिंग कारोबार में लगाई। कई पीसीएस संवर्ग के अधिकारी भी इसमें संलिप्त पाए गए हैं। कई अधिकारियों ने अपने बच्चों और परिजनों के नाम से आईडी पैकेज खरीदे हैं। एसटीएफ अधिकारियों का मानना है कि काली कमाई का बड़ा पैसा इसमें झोंका गया। कई अधिकारियों ने अपने परिचितों को मेंबर बनाने के लिए बिना ब्याज पर एक साल के लिए रकम भी उपलब्ध कराई। इसके साथ ही व्यापारी, होटल और सोना कारोबारी भी अधिकारियों के निशाने पर हैं।
हापुड़ में 17 नई रिपोर्ट दर्ज
हापुड़ (ब्यूरो)। ऑनलाइन ठगी के मामले में बृहस्पतिवार को हापुड़ देहात, हाफिजपुर और थाना देहात में 17 लोगों ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। दो दिन पूर्व हापुड़ और पिलखुवा में 27 लोगों ने रिपोर्ट कराई थी। हाफिजपुर थाने में मनीष निवासी सांवई, सुरेंद्र निवासी अकड़ौली तथा बाबूगढ़ थाने में उपैड़ा निवासी राधिका चौधरी, प्रभात कुमार, अंकित कुमार, मतनौरा निवासी अजय कुमार, भड़ंगपुर निवासी सुरेंद्र राणा तथा गांव अटूटा निवासी रकम ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर, हापुड़ देहात में भी नौ रिपोर्ट दर्ज हुई हैं। रिपोर्ट कराने वालों में दीपक तोमर निवासी भगवानपुरी, भूपेंद्र, अंकित, रोहित, प्रेरणा कपूर, रिजवान और दिनेश निवासी असौड़ा, संजय गर्ग निवासी न्यू पन्नापुरी, सुष्मिता त्यागी निवासी तगासराय शामिल हैं। एसपी अलंकृता सिंह ने बताया कि सभी मामलोें में जांच शुरू कर दी गई है।
एब्लेज के खिलाफ गाजियाबाद से 518 शिकायतें
गाजियाबाद (ब्यूरो)। लाइक के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाली एब्लेज इंफो सॉल्यूशन लिमिटेड कंपनी के खिलाफ गाजियाबाद में अब तक 518 शिकायतें पुलिस को मिल चुकी हैं। यह शिकायतें डीआईजी और एसएसपी कार्यालय में ई-मेल और डाक से आई हैं। सभी शिकायती पत्र एसएसपी की ओर से संबंधित थानों को भेजे गए हैं। सीओ सेकेंड ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर मामले एसआईटी को भेजे जाएंगे। इससे पहले भी पुलिस ने कविनगर थाने में एब्लेज इंफो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच नोएडा की एसआईटी को भेजी गई है।
57 हजार से 10 लाख तक की रकम लगी
गाजियाबाद। पुलिस को मिली शिकायतों में लोगों ने 57 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक में आईडी खरीदी थीं। राजनगर निवासी नेहरा परिवार के करीब आठ लोगों के 10 लाख रुपये फंसे हुए हैं। शिवानी शर्मा का कहना है कि उनकी तीन आईडी कंपनी में लगी हैं, जिनमें करीब डेढ़ लाख रुपये फंसे हैं।