तीन दिवसीय आयोजन में पुस्तक प्रदर्शनी, समीक्षा, ओपन माइक, साहित्यिक परिचर्चा, सामाजिक परिचर्चा, पुस्तक विमोचन, साक्षात्कार व रंगमंच एवं शोध पत्र वाचन, कवि सम्मेलन व मुशायरा होगा। साथ ही सम्मान समारोह होगा। वार्ता में पूनम पंडित, गोपाल भारतीय, नितिश शर्मा, डॉ. कृष्ण कुमार बेदिल व सुनील शर्मा आदि मौजूद रहे। कोई भी आम व्यक्ति व हर वर्ग का व्यक्ति इस आयोजन में भाग ले सकता है। फेयर में मौके पर जाकर भी शामिल हो सकते हैं।
यह रहेगी कार्यक्रम की रूपरेखा
- 18 नवंबर को शुभारंभ समारोह के साथ ही मुशायरा, गीत, कविता का सत्र होगा। प्रवासी साहित्य व आज का भारत पर परिचर्चा होगी।
- 19 नवंबर को सावरकर मिथकों से परे विषय पर संवाद व परिचर्चा होगी। लघुकथा सृजन व सार्थकता का आयोजन होगा। शोध पत्रों का वाचन साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। अंत में पुस्तक विमोचन व चर्चा समारोह व कवि सम्मेलन होगा।
- 20 नवंबर बुधवार को ओपन माइक, पर्यावरण संरक्षण में साहित्य व समाज की भूमिका एवं स्वच्छ भाषा, सुसंस्कृत समाज विषय पर संवाद होगा। गीत, कविता व गज़ल सत्र होगा साथ ही समारोह का समापन कार्यक्रम होगा।