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अंतर्राष्ट्रीय गैंग को था पुलिस का संरक्षण, दरोगा व दो सिपाही सस्पेंड, विदेशों तक फैला नेटवर्क   

Thu, 03 Oct 2019 04:03 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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पकड़े गए बदमाश - फोटो : अमर उजाला
देश भर में मोबाइल और लैपटॉप को चोरी व लूटने वाले अंतर्राष्ट्रीय गैंग का मेरठ पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश किया है। इस गैंग को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ था, जिसके चलते एक दरोगा व दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया।

हर महीने तीन हजार मोबाइल लूटने का टारगेट बनाकर यह गैंग वारदात करता था। गिरोह के हिस्ट्रीशीटर सरगना समेत सात आरोपी गिरफ्तार कर 280 मोबाइल, छह लैपटॉप, दो शस्त्र लाइसेंस, दो लग्जरी कार बरामद की गईं हैं। 
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वारदात का खुलासा करते एडीजी प्रशांत कुमार - फोटो : अमर उजाला
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि यह गैंग हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और विदेशों तक फैला है। गिरोह के बदमाश मोबाइल और लैपटॉप चोरी या लूटने के बाद सरगना शरद गोस्वामी निवासी माधवपुरम, ब्रह्मपुरी के पास पहुंचाते थे। 

जिसके बाद आईएमईआई नंबर बदलकर बेच दिए जाते थे और 100 मोबाइलों को पैकिंग कर विदेशों में भेजा जाता था। इस पूरे संजाल को शरद ने फर्जी कंपनी के जरिये फैलाया हुआ था। इसी गिरोह के पांच बदमाश करीब एक माह पूर्व पुलिस ने पकड़े थे। जिसके बाद सर्विलांस टीम इस गिरोह की तलाश में लगी थी। सर्विलांस टीम व कंकरखेड़ा पुलिस टीम ने इस गैंग को बेनकाब करने में सफलता पाई।
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वारदात का खुलासा करते एडीजी प्रशांत कुमार - फोटो : अमर उजाला
100 बदमाश, विदेशी कनेक्शन
एडीजी के अनुसार इस गैंग में करीब 100 बदमाश शामिल हैं। इस गैंग का कनेक्शन विदेशों से है। नेपाल, बैंकाक, चाइना में चोरी और लूट के मोबाइल बेचे जाते थे। इनके बदले करोड़ों रुपये शरद के खाते में जमा होते थे। सरगना अवैध संपत्ति से भोला रोड पर होटल बना रहा है।

यह भी पढ़ें:  एडीजी ने किया गैंग का खुलासा, विदेशों में ऑनलाइन बेचते थे लूट के मोबाइल और लैपटॉप
 

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पकड़े गए बदमाश - फोटो : अमर उजाला
लाइसेंसी असलहे से चलता था रौब 
सरगना शरद दसवीं पास है। उसका पिता महेंद्र गिरि पेशे से ड्राइवर है। शरद व उसकी पत्नी प्रियंका और मां सुमन के एनआरआई खाते में करोड़ों रुपये जमा बताए गए।

शरद बेहद शातिर अपराधी है और इंजीनियरों को नौकरी पर रखकर आईएमईआई नंबर बदलवाकर विदेशों में मोबाइल बेचकर पैसा अपने खाते में डलवाता था। चार करोड़ रुपये का लेनदेन उसके खातों में मिला है। 
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पुलिस द्वारा पकड़े गए मोबाइल - फोटो : अमर उजाला
क्राइम हिस्ट्री छिपाकर उसने शस्त्र लाइसेंस भी बनवा लिए, जिनके दम पर वह रौब जमाता था। 20 सितंबर को 28 पुलिसकर्मियों के खिलाफ शरद ने फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाकर कोर्ट में वाद भी दायर किया हुआ है।

एडीजी ने बताया कि सर्विलांस टीम व कंकरखेड़ा पुलिस को डीजीपी ने 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। गिरोह को संरक्षण देने के मामले में दोनों सिपाही मेरठ तो दरोगा सहारनपुर में तैनात है। प्रेसवार्ता में पुलिस वालों के नामों को गोपनीय रखा गया।  

यह भी पढ़ें: काली कमाई बैंक में समाई, पंद्रह महीने में शरद के खाते से हुआ चार करोड़ का आदान-प्रदान
 
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एडीजी ने प्रेस वार्ता में किया गैंग का खुलासा - फोटो : अमर उजाला
पकड़े गए बदमाश   
  1. शरद गोस्वामी पुत्र महेंद्र गिरि निवासी माधवपुरम सेक्टर-3 ब्रह्मपुरी 
  2. इरफान पुत्र निजाम निवासी न्यू ईदगाह कॉलोनी लिसाड़ीगेट 
  3. अमित गोस्वामी पुत्र राकेश निवासी भोला रोड कंकरखेड़ा 
  4. अमरीश गिरि पुत्र सतपाल गिरि निवासी माधवपुरम ब्रह्मपुरी 
  5. शलभ गोस्वामी पुत्र सतपाल गिरि निवासी माधवपुरम ब्रह्मपुरी 
  6. आकिब पुत्र गालिब निवासी लोकमानपुरा किरतपुर बिजनौर 
  7. आलिब पुत्र गालिब निवासी लाकमानपुर किरतपुर बिजनौर 
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चोरों से बरामद वाहन - फोटो : अमर उजाला
फरार आरोपी 
  1. महफूज पुत्र फज्जल निवासी शहजाद गोस्त वाली गली रशीदनगर ब्रह्मपुरी 
  2. मतलूब उर्फ बाबा पुत्र फज्जल निवासी शहजाद गोस्त वाली गली रशीदनगर ब्रह्मपुरी 
  3. नदीम निवासी कोटला बाजार देहलीगेट 
  4. नदीम निवासी मुंबई
  5. सल्लू निवासी मुंबई 
  6. चांद पुत्र यासीन निवासी तारापुरी लिसाड़ीगेट 
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