अब मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) 386 कॉलोनियों में आंतरिक विकास कार्य कराएगा। इन कॉलोनियों में बंधक प्लॉट न होने पर बिल्डर से वसूली करके लोगों के लिए काम कराए जाएंगे। इसके बाद इन्हें नगर निगम को सौंपा जाएगा। बुधवार को कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे ने विकास कार्यों को लेकर मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय तथा नगर आयुक्त अमित कुमार के साथ बैठक कर ये निर्देश दिए।
उपाध्यक्ष ने बताया कि काॅलोनियों के निवासी व आरडब्ल्यूए से समस्याएं पूछी जाएंगी। इसके साथ ही काॅलोनियों के मानचित्र के सापेक्ष कार्य का आकलन किया जाएगा। जिन काॅलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी होगी तो उसे संबंधित विकासकर्ता से पूरा कराया जाएगा। विकासकर्ता अगर लापरवाही करेंगे तो दूसरे विकल्प के तहत कॉलोनियों में बंधक प्लाट व फ्लैटों को बेचकर उस धनराशि से विकास कराए जाएंगे।
मेडा अफसरों के मुताबिक प्राधिकरण क्षेत्र में 386 स्वीकृत कालोनियां हैं। इनमें से 29 को पूर्णता प्रमाण पत्र मिल चुका है। ऐसे में इन 29 कालोनियों को नगर निगम को हस्तांतरित करने में कोई समस्या नहीं है क्योंकि आंतरिक कार्य पूर्ण होने के बाद कालोनियों को पूर्णता प्रमाण पत्र दिया गया है।
उपाध्यक्ष ने बताया कि कालाेनियों को पूर्णता प्रमाण पत्र देने व उन्हें नगर निगम को हस्तांतरित करने से संबंधित प्रस्ताव मेडा की अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि लोहिया नगर, सैनिक विहार, शताब्दी नगर आदि कॉलोनियो में विकास कार्यों के लिए करीब सवा करोड़ रूपये के टेंडर भी जारी किए गए हैं।