महामंडलेश्वर ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण जीवन संकट में है। पूरे विश्व में कल्याणकारी जीवन शैली की तलाश की जा रही है। वैज्ञानिकों ने भी हिंदू जीवन शैली को ही श्रेष्ठ माना है। विश्व पटल पर अहिंसा पर भी चर्चा हुई है। इसमें हिंदू को ही चुना गया है, जो दूसरों को अच्छा न लगता हो, वह हिंदू नहीं करता है। दूसरों को पीड़ा पहुंचाना ही पाप है। हिंदू से अधिक उदार कोई और नहीं हो सकता। हमारे देश में विभिन्न जातियों के लोग रहते हैं। जातियां हमारा सौंदर्य हैं। हम हिंदू हैं और एक हैं। हमें भारत माता को परम वैभव पर लेकर जाना है।
विदेश में हमारे युवाओं की चर्चा
अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने युवाओं को संदेश दिया कि देश सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। विदेश में हमारे युवाओं की चर्चाएं होती हैं। बेकसूर लोगों की मदद करनी चाहिए। कुछ लोग बेवजह सजा काट रहे है। पुलिस को न्याय कराने में सहयोग करना चाहिए। केवल भारत में हिंदू को मुक्ति मिलती है। गर्व के साथ एकजुट होकर देश सेवा करो।
गीदड़ नहीं, शेर बनकर जियो
अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने आह्वान किया कि गीदड़ नहीं शेर बनकर जियो। यह मत सोचो कि कुछ जीवन मिला और वह खत्म हो जाएगा। यह काम तो विदेशों पर छोड़ दो। यह सोचकर जियो कि जितने दिन जीना है, शान से जीना है। हमारी पूर्वजों की पहचान को हमेशा कायम रखना है। हमें गलत नहीं करना है। हमने दूसरों के लिए क्या किया, बस यह सोचना है।
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