धान की फसल में लगे कीटों को देखते कृषि विशेषज्ञ स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में लगातार बारिश और जलभराव के बाद धान की फसल पर तना छेदक और पत्ता लपेट सुंडी का प्रकोप तेजी से फैल गया है। किसानों ने खेतों के निरीक्षण में कीटों का हमला देखा, जिससे बालियां निकल चुकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
कृषि विशेषज्ञ मुकेश ठाकुर ने धान को बचाने के लिए दानेदार कीटनाशकों जैसे कारटॉप हाइड्रोक्लोराइड 4जी या क्लोरैन्ट्रानिलिप्रोल 0.4 प्रतिशत जीआर के प्रयोग की सलाह दी। उन्होंने इमामेक्टिन बेंजोएट, सीटीपीआर और फाइटर जीएसपी जैसे रसायनों को पानी में मिलाकर छिड़काव को भी प्रभावी बताया। मुकेश ठाकुर ने देवेंद्र चौहान के साथ खादर क्षेत्र के खेतों का निरीक्षण किया, जहां तना छेदक कीट का गंभीर प्रकोप मिला। किसान दीपक आहूजा ने अपनी छह एकड़ फसल में बालियां सफेद पड़ने से नुकसान बताया। गुरमुख सिंह समेत कई किसानों ने कृषि विभाग से सर्वे और सहायता की मांग की है।