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सनातन है भारत की संस्कृति : साध्वी ऋतंभरा

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वेदव्यासपुरी में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में बोलती वात्सल्य ग्राम की संस्थापक साध्वी ऋतंभरा। स्रो
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मेरठ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में मंगलवार को वेदव्यासपुरी स्थित मंडप में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि साध्वी। ऋतंभरा ने कहा कि भारत केवल एक भूमि का टुकड़ा नहीं है। भारत को सीमाओं में भी नहीं बांधा जा सकता। सैकड़ों वर्षों तक हुए आक्रमण भी भारत की मूल आत्मा को समाप्त नहीं कर पाए, क्योंकि भारत की संस्कृति सनातन है।
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उन्होंने कहा कि सेकुलरिज्म ढोंग व पाखंड है। इससे बड़ा झूठ हो ही नहीं सकता, क्योंकि भारत की आत्मा में ही विश्व कल्याण निहित है। उन्होंने कहा आज हमें बाहरी खतरों के मुकाबले आंतरिक परिस्थतियों से ज्यादा बड़ी चुनौती मिल रही है, इसलिए समस्त हिन्दू समाज को एकजुट होना होगा बल्कि हिन्दू विरोधी गतिविधियों को मुंहतोड़ जवाब भी देना होगा। साध्वी ऋतंभरा ने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वर्षों के संघर्ष, तपस्या एवं बलिदान के बाद 22 जनवरी 2024 को रामलला साक्षात रूप में अयोध्या में विराजमान हुए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्षों की यात्रा हिन्दू संगठन के लिए पावन प्रयास सराहनीय है।
मुख्य वक्ता योग ऋषि स्वामी कर्मवीर महाराज ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के लिए पांच मुख्य बातें आधारभूत तत्व जैसी हैं और प्रत्येक नागरिक को इसका गहराई से पालन करना चाहिए। उन्होंने पंच परिवर्तन पर बोलते हुए कहा कि पर्यावरण केवल भाषणों का विषय नहीं है, हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए हर आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने स्व का बोध, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन तथा नागरिक कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह सभी पैथी भारतीय हैं और हजारों वर्ष पुरानी हैं। इसलिए हमें भारतीय जीवन शैली के साथ-साथ इसे अपनाना होगा।
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विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक महेन्द्र ने कहा कि डॉ. हेडगेवार द्वारा संघ की स्थापना का उद्देश्य हिन्दू समाज का संगठन ही था। उन्होंने संघ के शुरुआती दौर से ही हिन्दू समाज को मानसिक, शारीरिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक रूप से सृदृढ़ करने के प्रयत्न किए। आज संघ दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है।
आर्य समाज के भजनोपदेशक आचार्य कुलदीप आर्य द्वारा भजन प्रस्तुत किए गए। आयोजन समिति के अध्यक्ष जगत सिंह दौसा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन राजन कुमार ने किया। इस अवसर पर अनिल जैन, अमित कुमार अग्रवाल, तेजपाल सिंह तोमर, चौधरी अमन सिंह, कृष्ण गोपाल, रमेश, तुषार त्यागी, डॉ. अनीता, आशा वर्मा, सपना, उपासना आदि उपस्थित रहे।
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