मेरठ। हिंदी भाषा केवल संचार का माध्यम नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कार का प्रतीक है। यह विचार साहित्यालोक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुबोध गर्ग ने हिंदी दिवस के अवसर पर श्री बिल्लेश्वर संस्कृत महाविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में व्यक्त किए। भारत विकास परिषद हस्तिनापुर प्रांत और अखिल भारतीय साहित्यालोक की ओर से कराए गए कार्यक्रम में डॉ. गर्ग ने हिंदी भाषा का गौरव बढ़ाने और इसके प्रचार-प्रसार का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदी में हस्ताक्षर करें। यह अच्छा लगता है।
अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष सरल माधव ने की। संचालन राधेश्याम गुप्ता ने किया। अतिथि नीता दुबलिश, डॉ. पंकज झा, राम गोपाल भारतीय, सुशील कंसल और डॉ. दिनेश दत्त शर्मा ने हिंदी के उज्ज्वल भविष्य पर विचार व्यक्त किए। विद्यालय प्रबंधक महेश सिंहल ने सभी का स्वागत किया। दूसरे चरण में हास्य-व्यंग्य कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता के संचालन में कवि सम्मेलन हुआ। इसमें हेमंत निर्भीक, गुरमीन गुनी, ऋचा सिंह प्रकाश और चंद्रशेखर मयूर ने काव्य के माध्यम से हिंदी का महत्व बताया। इस अवसर पर विनय मोहन, सत्य प्रकाश गोयल, विष्णु कुमार, कैलाश चंद, अमरीश गुप्ता रहे।