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चार व्यापारियों के यहां आयकर सर्वे, हंगामा

Thu, 16 Mar 2017 09:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने बुधवार को शहर में बड़ी कार्यवाही करते हुए कई संस्थानों पर एक साथ सर्वे की कार्रवाई की। इस दौरान टीम को कुछ स्थानों पर व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। आयकर अधिकारियों ने व्यापारियों को बताया कि नोटबंदी के बाद जिन व्यापारियों ने अपने बैंक खातों में निर्धारित रकम से अधिक की ट्रांजैक्शन की थी, उन पर दिए गए नोटिस का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जिस कारण सर्वे की कार्रवाई की जा रही है।
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महावीर नगर निवासी विनोद कुमार की टीपी नगर स्थित नवीन मंडी की दुकान नंबर 9 बी में वी राम एंड कंपनी है। विनोद रिफाइंड और सरसों के तेल के थोक व्यापारी हैं। वहीं पास ही दुकान नंबर 40 डी में नवीन कुमार का मूंगफली, चना, मुरमुरे और चौलाई का थोक का गोयल ट्रेडर्स के नाम से कारोबार है। इनके अलावा शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में एमएल जैन का एमएल मेडिकल स्टोर और साकेत स्थित एक साड़ी शो रूम पर बुधवार दोपहर आयकर विभाग की टीमों ने एक साथ सर्वे की कार्रवाई की।

टीम के अधिकारियों ने चारों संस्थानों के कर्मचारियों और मालिकों से पूछताछ करते हुए काफी रिकॉर्ड कब्जे में लिए। इस दौरान संस्थानों में किसी को भी अंदर-बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। आयकर विभाग की टीमों ने घंटो तक संस्थानों के रिकॉर्ड खंगाले। मामले की जानकारी मिलने पर संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, उपाध्यक्ष कमल ठाकुर, लल्लू मक्कड़, विपुल सिंघल सहित कई व्यापारी नवीन मंडी पहुंचे और टीम का विरोध किया।  
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टीम में शामिल अधिकारियों ने व्यापारी नेताओं को बताया कि नोट बंदी के दौरान जिन व्यापारियों ने लिमिट से ज्यादा ट्रांजैक्शन किया है, उन व्यापारियों को नोटिस जारी करते हुए तय समयसीमा के भीतर जवाब देने को कहा गया था। लेकिन इन व्यापारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। जिस पर यह सर्वे की कार्रवाई की जा रही है। इस पर व्यापारियाें ने कार्रवाई के तरीके पर नाराजगी जतायी। व्यापारियों के विरोध और नाराजगी को देख आयकर विभाग की टीम बगैर कोई रिकॉर्ड लिए वापस लौट गयी।
वहीं, दूसरी तरफ सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के विनोद अरोड़ा और किशोर वाधवा के नेतृत्व में व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराते हुए बाजार बंद कर दिया। इसके बाद टीम यहां से चुपचाप निकल गई। वहीं साकेत स्थित साड़ी शोरूम पर भी कुछ देर रिकॉर्ड खंगालने के बाद टीम लौट गई।

केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री तक पहुंचा मामला
भाजपा के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य विनीत अग्रवाल शारदा ने बुधवार को केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार से मुलाकात की। उन्होंने मेरठ सहित मुजफ्फरनगर और शामली आदि जिलों में आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर संतोष गंगवार से व्यापारियों का उत्पीड़न बताया। विनीत शारदा ने कहा कि इस तरह एक-एक दर्जन अधिकारियों की टीम जब व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर पहुंचती है तो उस व्यापारी की प्रतिष्ठा और व्यापार दोनों पर प्रभाव पड़ता है। साथ ही आसपास के व्यापारियों का व्यापार भी प्रभावित होता है। इस तरह की कार्रवाई पूरी तरह उत्पीड़नात्मक है। विनीत शारदा ने बताया कि इस मामले पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने आयकर आयुक्त से बात की। जिसके बाद आयकर आयुक्त ने पूरे मामले पर बृहस्पतिवार को उन्हें वार्ता के लिए अपने कार्यालय में बुलाया है। इस दौरान उनके साथ संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री उमेश अग्रवाल शारदा भी मौजूद रहे।

आय घोषित करने पर देंगे राहत
नोटबंदी के दौरान बैंक में ज्यादा ट्रांजैक्शन सामने आने पर इन व्यापारियों को नोटिस जारी किया गया था। जिनका जवाब न मिलने पर यह सर्वे कार्रवाई की गई और रिकॉर्ड चेक किया गया। यदि ये लोग प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत अपनी आय घोषित करते हैं तो इन्हें 49 प्रतिशत टैक्स लेकर राहत दी जाएगी। अन्यथा आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अर्केंद्र सिंह, संयुक्त आयुक्त, आयकर
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